
Children Maa Kali idol protest: मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। जिले के हटा क्षेत्र में शारदीय नवरात्रि मे इस बार देवी स्थापना न होने से आक्रोशित जेन-अल्फा के बच्चों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। सोमवार सुबह से मासूम बच्चे प्रदर्शन कर रहे हैं। बच्चों की मांग है कि हर साल की तरह इस बार भी यहां मां काली की प्रतिमा स्थापित की जाए। बच्चों के प्रदर्शन का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में बच्चे 'हमारी मांगे पूरी करो' का नारा लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामला हटा के पास स्थित ग्राम रसोटा का बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ही गांव के तिराहे पर एक दर्जन से अधिक मासूम बच्चे-बच्चियों ने धरना देना शुरू कर दिया था। बच्चे मोहल्लेवासियों के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। बबच्चों को धरना देते देख ग्रामीण लगातार उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे लेकिन, बच्चों ने उनकी एक न सुनी। प्रदर्शनकारी बच्चों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वे न खाना खाएंगे और न ही स्कूल जाएंगे। बच्चे नारा लगाते रहे - "हमारी मांगें पूरी करो, खाना नहीं खाएंगे माता धरो।"
पत्रिका ने बच्चों से जब बातचीत की तो, उन्होंने बताया कि यहां 15-16 वर्षों से मां काली की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। लेकिन इस साल ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि समिति के लोगों से हमने जल्द से जल्द पंडाल बनाने की सिफारिश की थी लेकिन अब तक उसका काम शुरू नहीं किया गया है। बच्चों का कहना है कि हम हर साल माता रानी का आशीर्वाद लेते थे लेकिन इस वर्ष हमें उनका आशीर्वाद नहीं मिलेगा। बच्चों ने कहा कि अगर माता नहीं रखी गई तो हम न खाना खाएंगे और न स्कूल जाएंगे। हम चाहते है कि हर साल की तरह इस बार भी यहां काली मां की प्रतिमा स्थापित की जाए। बच्चों ने कहा कि यह धरना तब तक चलेगा, जब तक हमारी मांगें सुनी नहीं जाएंगी। बच्चों ने यह भी बताया कि उन्होंने दुर्गा समिति के सामने माता की प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी थी, लेकिन समिति के लोगों ने उनका मजाक उड़ाया।
बच्चों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही हटा थाना प्रभारी सुधीर बैगी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों की आस्था का सम्मान किया जाएगा। पुलिस और ग्रामीणों की घंटों की समझाइश और आश्वासन के बाद बच्चों ने धरना समाप्त कर दिया। थाना प्रभारी बैगी ने बच्चो को भरोसा दिलाया कि हम हटा से देवी की प्रतिमा भेजकर उसकी स्थापना करवाएंगे, जिसके बाद बच्चों ने तैयारियां शुरू कर हैं।