
Fake Doctor Damoh: फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र यादव की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। दमोह में पांच दिन की रिमांड के बाद नोएडा में दर्ज एफआइआर पर पुलिस रिमांड के लिए दमोह आएगी। इधर, तीन दिन की जांच में दमोह पुलिस उसकी फर्जी डिग्रियों के जाल में उलझी हुई है। पुलिस के मुताबिक, उसकी एमबीबीएस के अलावा सारी डिग्री फर्जी प्रतीत हो रही हैं। दमोह के मिशन अस्पताल में उसकी नियुक्ति कराने वाली भोपाल की इंटीग्रेटिड वर्क फोर्स यूनिक सॉल्यूशन कंपनी पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।
एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया, आरोपी डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य यादव ने असली नाम से एक डिग्री और 3 डिप्लोमा कोर्स किए। इनमें एमबीबीएस की डिग्री सही मिली, सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल यूके से एमआरसीपी डिप्लोमा फर्जी निकला। डिप्लोमा की जांच कराई तो ब्रिटेन की जनरल मेडिकल काउंसिल की वेबसाइट व एमआरसीपी में रजिस्टर्ड डॉक्टरों की सूची में आरोपी का नाम नहीं है।
प्रयागराज स्थित ओमेक्स टाउनशिप में आरोपी डॉ. नरेंद्र के घर से पुलिस ने फर्जी सील, मार्कशीट, प्रिंटर व कम्प्यूटर जब्त किया। पुलिस ने जब्त कर लिया है। आरोपी डॉक्टर ओमेक्स टाउनशिप के जिस मकान में रहता था, उसका किराया 24 हजार रुपए है।