MP News: एसआईआर प्रक्रिया के तहत दमोह के बाद जबेरा विधानसभा में भी मतदाता सूची से नाम हटाने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मंत्री के क्षेत्र में वोटरों पर आपत्तियां लगीं, जिनमें 95 फीसदी फर्जी पाई गईं।
Fake Voter Deletion Objections: एसआइआर 2025 (SIR 2025) के तहत प्रकाशित पहली मतदाता सूची से वोटरों के नाम फर्जी तरीके से नाम कटवाने का खेल चल रहा है। दमोह विधानसभा के बाद अब जबेरा विधानसभा में भी यही फर्जी आपत्तियां लगाए जाने की बात सामने आई है। बताया जाता है कि पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह की विधानसभा में 1301 वोटरों के नाम काटे जाने आपत्तियां लगाई गई। इसमें से 95 फीसदी फर्जी मिली हैं। तेंदूखेड़ा में 739 और जबेरा में 532 वोटरों के नाम काटे जाने के लिए आपत्तियां लगाई गई थीं।
इस तरह के फर्जीवाड़े की कोशिश से मतदाता परेशान हो रहे हैं। सूत्रों की माने तो नाम कटवाने के पीछे राजनीतिक दलों का हाथ हैं। जो पार्टी को वोट नहीं करता, उसके नाम कटवा दो, कुछ इसी तर्ज पर यह खेल सभी चार विधानसभाओं में चल रहा है। तेंदूखेड़ा तहसीलदार विवेक व्यास ने बताया कि जबेरा विस में 1301 आपत्तियां लगाई गई है। सभी की जांच की जा रही है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। (MP News)
एसडीएम और तहसील कार्यालयों में लगाई जा रही आपत्तियों को संबंधित अधिकारी वेरीफाई तक नहीं कर रहे हैं। आवेदनों को सही मानते हुए सीधे संबंधित वोटरों को नोटिस दिए जा रहे हैं। अधरोटा के वोटर सावेद खान, लोटन आदिवासी ने बताया कि पहले एसआइआर में जानकारी देने के लिए मेहनत की। सूची में नाम आया तो अब फिर से नोटिस मिला। 29 जनवरी को सुनवाई में शामिल हुए, जहां अपने दस्तावेज दिखाए, लेकिन इस दौरान आना-जाना और कतार में खड़े होने की परेशानी झेलना पड़ी। इसी तरह जिले की चारों विधानसभाओं में बड़ी संख्या में वास्तविक वोटरों को परेशानी झेलना पड़ रही है।
पत्रिका द्वारा दमोह विधानसभा के अधरौटा पोलिंग बूथ और बजरिया नंबर २ में फर्जी आपत्ति के मामले प्रकाशित किए हैं। बजरिया नंबर 2 में एक समाज विशेष के 250 से अधिक वोटरों के नाम काटे जाने चार लोगों द्वारा फर्जी आपत्तियां लगाई गई थीं। हैरानी की बात यह है कि अभी तक प्रशासन फर्जी आवदेकों तक नहीं पंहुच पाई है। निर्वाचन कार्यालय भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
सूत्रों की माने तो दमोह विधानसभा की 78 पोलिंग बूथों में प्रकाशित मतदाता सूची के विरुद्ध आपत्तियां लगाई गई हैं। इनमें एक बूथ से लगभग 80 नाम काटे जाने के लिए आवेदन हुए हैं। देखा जाए तो 6240 नाम काटे जाने के लिए फर्जी आपत्तियां लगाई गई हैं। हालांकि एसडीएम कार्यालय इस बात की पुष्टी नहीं कर रहा है, लेकिन कई बीएलओ फर्जी आपत्तियों के लगाए जाने की बात से इनकार नहीं कर रहे हैं। (MP News)