दमोह. भारतीय स्टेट बैंक का मप्र पुलिस के साथ एक साइबर जागरूकता अभियान रथ गुरुवार को मुख्य ब्रांच किल्लाई नाका परिसर से निकाला गया। सीईओ जिला पंचायत अर्पित वर्मा ने झंडी दिखाकर रवाना किया। साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के माध्यम से साइबर फ्रॉड से किस तरह बचा जा सकता है।
साइबर जागरूकता अभियान के रथ को सीईओ जिपं ने हर झंडी दिखाकर किया रवाना
दमोह. भारतीय स्टेट बैंक का मप्र पुलिस के साथ एक साइबर जागरूकता अभियान रथ गुरुवार को मुख्य ब्रांच किल्लाई नाका परिसर से निकाला गया। सीईओ जिला पंचायत अर्पित वर्मा ने झंडी दिखाकर रवाना किया। साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के माध्यम से साइबर फ्रॉड से किस तरह बचा जा सकता है। इस संबंध में आम नागरिकों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक सुनील सक्सेना, मुख्य प्रबंधक आशीष रावत, क्षेत्रीय कार्यालय से शरद पाटिल, लीड बैंक अधिकारी नरेंद्र सोनी सहित बैंक के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। सीईओ वर्मा ने कहा आजकल साइबर फ्रॉड ऑनलाइन किया जा रहा है। दमोह में भी इस तरह के प्रकरण देखे गए हैं। लोगों के साथ ५० लाख तक का फ्रॉड होने की शिकायतें आती हैं। ऐसे प्रकरणों में रिकवरी बहुत मुश्किल होती है, क्योंकि जिन खातों में पैसा ट्रांसफर होता है। वह पैसा तुरंत निकाल लिया जाता है। इस संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए आज एसबीआई के द्वारा साइबर फ्रॉड से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आमजन को जागरूक करने के लिए जागरूकता रथ रवाना किया गया।
नुक्कड़ नाटक की टीम जगह-जगह जाकर नाटक के माध्यम से सभी को जागरूक करेगी कि कैसे आजकल साइबर फ्रॉड फैल रहा है और कैसे ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से बच सकते हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक सुनील सक्सेना ने कहा भारतीय स्टेट बैंक द्वारा साइबर सिक्योरिटी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत बैंक द्वारा नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य साइबर फ्रॉड के संबंध में लोगों को जागरूकता फैलाना है, क्योंकि जागरूकता ही इसका बचाव है। उन्होंने कहा एक बार फ्रॉड हो जाने के बाद रिकवरी करने में बहुत समय लगता है और यह बहुत मुश्किल भी होती है। जब कभी किसी के साथ इस तरह की घटना होती है तो हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके कंप्लेंट रजिस्टर करें।