MP News: अमेरिका गॉट टैलेंट प्रोग्राम में मध्य प्रदेश के बद्री विश्वकर्मा को यूएस के दूतावास ने वीज़ा देने से मन कर दिया। दूतावास ने इस नियम का दिया हवाला।
US Visa 214b rule: भारत की माटी का एक और हुनर सरकारी कागजों और आर्थिक हैसियत की भेंट चढ़ गया। ग्रामीण अंचल से निकलकर अपनी कला के दम पर दुनिया के सबसे बड़े मंच 'अमेरिका गॉट टैलेंट (America Got Talent) तक पहुंचने का सपना देखने वाले कलाकार बद्री प्रसाद विश्वकर्मा (Badri Prasad Vishwakarma) निवासी बटियागढ़ जिला दमोह को अमरीकी दूतावास ने वीज़ा देने से इनकार कर दिया है। विडंबना देखिए कि जिस कलाकार की प्रतिभा का लोहा खुद अमरीकी प्रोडक्शन हाउस मान चुका था, उसे आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर मानकर सरहदों के पार जाने से रोक दिया गया। (MP News)
बद्री प्रसाद, जिन्हें बद्री विश्वकर्मा उर्फ दमोह का खली के नाम से जाना जाता है, अपनी हैरतअंगेज कलाबाजी और स्टंट्स के लिए जाने जाते हैं। इनकी प्रतिभा को देखते हुए अमरीका के मशहूर शो अमेरिका गॉट टेलेंट सीजन 21 के आयोजकों मैराथन प्रोडक्शंस ने उन्हें बाकायदा न्योता भेजा था। आयोजक उनके आने-जाने, रहने और खाने का पूरा खर्च उठाने को तैयार थे।
लेकिन, चेन्नई स्थित अमरीकी महावाणिज्य दूतावास ने धारा 214(बी) का हवाला देते हुए उनका वीज़ा आवेदन खारिज कर दिया। दूतावास का मानना है कि बद्री यह साबित नहीं कर पाए कि उनके भारत के साथ मजबूत संबंध हैं, जो उन्हें वापस लौटने पर मजबूर करेंगे। सरल शब्दों में कहें तो, कलाकार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक स्तर को वीजा अधिकारी ने एक जोखिम माना।
एक तरफ बद्री का कवर लेटर चीख-चीख कर कह रहा था कि वे भारत के कई बड़े टीवी शो (इंडियाज गॉट टैलेंट, हुनरबाज़) में अपनी चमक बिखेर चुके हैं और वे सिर्फ देश का नाम रोशन करने विदेश जा रहे हैं। दूसरी तरफ, अमरीकी कानूनों की कठोरता ने उनकी कला को दरकिनार कर उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति को आधार बनाया। (MP News)
(पुष्पेंद्र तिवारी की खबर)