दमोह

दमोह में शराब के नशे का कारोबार, हर साल 3 अरब 11 करोड़ की खपत

Liquor Trade In Damoh : जिले में 58 शराब दुकानें संचालित हैं, जो तीन सर्किलों में बंटी हैं। इस साल 311 करोड़ से अधिका का ठेका हुआ है। सर्किल ए, बी और हटा में कुल 58 दुकाने हैं।
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Sep 09, 2026
Liquor Trade In Damoh
दमोह में शराब के नशे का कारोबार (फोटो सोर्स: Patrika File)

Damoh News :मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शराब के नशे का कारोबार धीरे-धीरे लोगों को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। आलम ये है कि, हर साल जिले में अरबों रुपए की शराब की खपत हो रही है। कैंसर, लिवर और किडनी को डेमेज करने वाले इस नशे के कारोबार में नकली शराब की मिलावट भी जमकर हो रही है।

सागर जिले के बंडा में 29 लोगों की मौत के मौत मामले ने मिलावट के इस खेल को उजागर कर किया है। बता दें कि जिले में 58 शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। यह दुकानें जिले की तीन सर्किल में बंटी हुई हैं। इस साल 3,11, 6845631 रुपए यानी 311 करोड़ का ठेका हुआ है। सर्किल ए, बी और हटा में कुल 58 दुकाने हैं। इन दुकानों से इतनी मात्रा में काउंटर से शराब बिक्री संभव नहीं है। यही वजह है कि कई दुकानों से अवैध शराब गांव-गांव बिकवाई जा रही है। शराब को ठिकाने वाले एजेंट बड़ी आसानी से माल खपाने में लगे हैं। इधर, पुलिस की कार्रवाई की बात करें तो जब तक कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आती तब तक पुलिस भी अवैध शराब बेचने वालों को नहीं पकड़ती।

अवैध शराब बिक्री के लगते हैं आरोप

जिले में शराब का कारोबार करने वालों में सभी दमोह के ही ठेकेदार हैं। वर्तमान में 58 शराब दुकान में से सबसे ज्यादा 17 शराब दुकानें ठेकेदार संतोष गंगेले के पास हैं। हालांकि अधिकृत शराब दुकानें 11 हैं, पांच मेनेजमेंट कर संचालित की जा रही हैं। दसरे नंबर पर संजीत राय का नाम आता है, इनके पास जिले में 11 दुकानें हैं। इसके बाद अभिषेक राय 6, राजा राय के पास 4 दुकाने हैं। इन सभी ठेकेदारों की दुकानों से अवैध शराब बिक्री के आरोप लगते आए हैं। पुलिस ने अधिकांश शराब दुकानों से अवैध शराब बिक्री के प्रकरण भी दर्ज किए हैं।

सस्ती शराब पर लगी रोक

बंडा की घटना के बाद शराब का नशा करने वालों में भी डर का माहौल हैं। खासतौर पर उन लोगों पर जो सस्ती अंग्रेजी शराब पिया करते थे। बताया जाता है कि आबकारी विभाग ने जिन 18 दुकानों से सस्ती शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। उन दुकानों से सस्ती शराब की डिमांड भी पूरी तरह घट चुकी है। हालांकि जांच रिपोर्ट आने तक आबाकारी विभाग ने भी इनकी बिक्री पर रोक लगा रखी है। हालांकि इससे शराब ठेकेदारों को नुकसान हैं, लेकिन जिले में अप्रिय घटना न होने से ठेकेदारों ने राहत की सांस जरूर ली है।

Updated on:
09 Sept 2026 08:35 pm
Published on:
09 Sept 2026 08:35 pm