MP news: मध्य प्रदेश के दमोह में मामा-भांजे की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने खेत के मालिक पर कार्रवाई की मांग की है।
MP news: मध्य प्रदेश के दमोह में झकझोर देने वाली घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। मगरोन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम धूमा में शनिवार सुबह मामा-भांजे की मौत करंट लगने से हो गई। घटना के बाद से गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के अनुसार, बकस्वाहा के बगरौदा स्थित धूमा गांव में रहने वाले अस्सू रैकवार और उसका भांजा अभिषेक रैकवार, सुबह-सुबह गेहूं की रखवाली करने के बाद गांव के पास स्थित सुनार नदी में मछली पकड़ने के लिए निकले थे। एक खेत में लगी फेंसिंग को पार करते ही दोनों की अचानक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, रास्ते में एक खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए कटीले तारों को पार करते समय दोनों उसमें प्रवाहित बिजली के करंट की चपेट में आ गए। करंट इतना भीषण था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। सुबह जब ग्रामीणों ने दोनों युवकों के शव खेत के पास पड़े देखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर मृतकों के पास मछली पकड़ने वाला जाल और ट्यूब भी बरामद हुआ है। सूचना मिलते ही अजब धाम चौकी प्रभारी आर. एस. ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा तैयार कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
मृतक के पिता ने बताया कि उनका पोता और बेटा अपनी फसल देखने जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरधारी पटेल ने खेत में बिजली के तार बिछा रखे थे और तार में कहीं कोई टूटा या कटा हुआ था। जैसे ही बच्चों ने तार को छुआ, करंट लगने से उनकी मौत हो गई। उनकी मांग है कि गिरधारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि उनके घर के दो बच्चों की जान जा चुकी है। भतीजा अभिषेक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। मृतक अस्सू दूसरा बेटा था और वह भी तीन भाइयों में से एक था।
मगरोन थाना प्रभारी बीएल पटेल ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। प्रथम दृष्टया मामला करंट लगने का प्रतीत हो रहा है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। मृतक के परिजनों ने खेत के मालिक पर कार्रवाई करने की मांग की है।