दमोह

Damoh News: स्कूलों में शुरू होगा नया पीरियड, पढ़ाई के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस

School Students Mental Health: दमोह के सरकारी स्कूलों में अब बच्चों की किताबों के साथ उनके मन की भी पढ़ाई होगी। वेलनेस पीरियड में छात्र तनाव, अवसाद और अन्य परेशानियों पर खुलकर बात कर सकेंगे।
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Aug 27, 2026
school students mental health wellness period
School Wellness Period: दमोह के स्कूलों में शुरू होगा नया पीरियड (फोटो सोर्स- Chatgpt)

Damoh School Wellness Period: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नई मुहीम शुरू की गई है। अब जिले के शासकीय स्कूलों मैं पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। विद्यार्थियों के मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए स्कूलों में नियमित रूप से हेल्थ एंड वेलनेस गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके तहत बच्चों को तनाव, अवसाद, मोबाइल की लत, साइबर बुलिंग, नशे से बचाव, संतुलित जीवनशैली, पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, लैंगिक संवेदनशीलता और जीवन कौशल जैसे विषयों पर जागरुक किया जाएगा।

क्या है उद्देशय?

इस मुहीम का उद्देश्य यह है कि किशोरावस्था में आने वाली समस्याओं को समय रहते समझा जाए और विद्यार्थियों को खुलकर अपनी बात रखने का अवसर मिले। इसी दिशा में जिले में उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के तहत शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं से भी जुड़ेंगे छात्र-छात्राएं

इस मुहीम की विशेषता यह है कि अब शिक्षक केवल विषय पढ़ाने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बच्चों की मानसिक और भावनात्मक परेशानियों को भी समझेंगे। यदि कोई विद्यार्थी तनाव, चिंता, अवसाद, पढ़ाई के दबाव, पारिवारिक समस्या, मोबाइल की लत या साइबर बुलिंग जैसी किसी परेशानी से जूझ रहा होगा तो वह शिक्षक से खुलकर अपनी बात साझा कर सकेगा। जरूरत पडने पर ऐसे विद्यार्थियों को स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा।

जीवन कौशल से आत्मविश्वास बढ़ाने पर रहेगा जोर

शिक्षकों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक परिवर्तनों की जानकारी से प्रशिक्षित किया जा चुका है। साथ ही जीवन कौशल, सकारात्मक सोच, भावनाओं पर नियंत्रण, सही निर्णय लेने की क्षमता, प्रभावी संवाद, आत्मविश्वास, टीमवर्क और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने के व्यावहारिक तरीके भी बताए जा चुके हैं। इससे सहभागितापूर्ण गतिविधियों और व्यवहारिक सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को ऐसे तरीके सिखाए जा चुके हैं, जिन्हें वे सीधे कक्षा में लागू कर सकेंगे।

बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस- डीईओ

दमोह डीइओ सत्यम चौरसिया ने बताया कि स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई के साथ के मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस करने के उद्देश्य से वेलनेस पीरियड शुरू किए गए हैं, जिससे बच्चे जीवन कौशल पर खुलकर चर्चा कर सकें।

Updated on:
27 Aug 2026 04:17 pm
Published on:
27 Aug 2026 04:17 pm