CG News: खदान मजदूर संघ शाखा बचेली एवं किरंदुल के पदाधिकारियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। संगठन विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के कारण 7 फरवरी को संघ की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया था।
CG News: खदान मजदूर संघ शाखा बचेली एवं किरंदुल के पदाधिकारियों तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष बचेली ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर हाल ही में संघ से निष्कासित पूर्व पदाधिकारी संतोष दाश के दिए गए बयानों को पूरी तरह से असत्य, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताया।
प्रेस वार्ता में खदान मजदूर संघ शाखा बचेली के कार्यकारी अध्यक्ष राजूलाल चतुर्वेदी, शाखा किरंदुल के अध्यक्ष बी दिल्ली राव और राजेंद्र यादव ने कहा कि खदान मजदूर संघ की प्राथमिक सदस्यता एवं समस्त दायित्वों से निष्कासित संतोष दाश ने प्रेस वार्ता में पूर्णत: असत्य, भ्रामक एवं तथ्यों से परे जानकारी दी।
सांसद महेश कश्यप के नेतृत्व में वेज रिवीजन के लिए जब केन्द्रीय इस्पात मंत्री से दिल्ली में मिले, तो वहां कोई फाइल लंबित नहीं बताया गया। जबकि हम यह बताना चाहेंगे कि नई दिल्ली में खदान मजदूर संघ शाखा किरन्दुल के 5 पदाधिकारी ही गये हुए थे, संतोष दास वहां गये ही नहीं थे।
उनके द्वारा जानबूझकर सांसद कश्यप, भाजपा संगठन और बीएमएस को बदनाम करके नगरीय निकाय चुनाव में किसी अन्य को लाभ पहुंचाने के लिए यह गलत वार्ता की गई है। उन्हें किसी भी प्रकार की कोई भी जानकारी थी ही नहीं। प्रेस वार्ता में खदान मजदूर संघ शाखा किरंदुल के सचिव महेंद्र कुमार, दानेश्वर जोशी, लिलांश सिंह, बचेली शाखा के बुधराम, पिंटू सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
CG News: भाजपा बचेली मंडल अध्यक्ष अमलेंदु चक्रवर्ती ने भी संतोष दास के बयानों की निंदा करते हुए कहा कि वह स्वयं को भाजपा और संगठन के वरिष्ठ नेताओं का करीबी बताकर गुमराह करने का कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बचेली प्रवास के दौरान भी उन्होंने श्रम संघ और भाजपा पदाधिकारियों से अनावश्यक विवाद किया था। उन्होंने श्रम संगठनों को ऐसे अवसरवादी तत्वों से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि भाजपा और श्रमिक संघों का हित हमेशा प्राथमिकता पर रहेगा।
इसके अलावा 'केएमएस बचेली के एसकेएमएस बचेली में विलय' की खबर को भी पूरी तरह से भ्रामक बताया गया। संघ के अनुसार, दीप देवांगन के नेतृत्व में खदान मजदूर संघ शाखा बचेली पूरी मजबूती के साथ संचालित हो रही है और विलय जैसी कोई प्रक्रिया नहीं हुई है। संतोष दास को संगठन विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के कारण 7 फरवरी को संघ की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया था।