दंतेवाड़ा पुलिस ने दिया 10 हजार की प्रोत्साहन राशि, SP डॉ अभिषेक पल्लव के समक्ष किया सरेंडर।
दन्तेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अंतिम पर है। आए दिन इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण अब नक्सलवाद को जड़ से कमजोर कर रहा है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान का नतीजा है कि जवानों को एक के बाद एक बड़ी सफलता मिल रही है। शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 1 लाख के इनामी जन मिलिशिया कमाण्डर ने आत्मसमर्पण किया है। जनमिलिशिया कमाण्डर हड़मा गुमियापाल बण्डीपारा थाना किरन्दुल क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।
जनमिलिशिया कमाण्डर हड़मा ने छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एवं नक्सली जीवन शैली तथा उनके खोखली विचारधारा से तंग आकर, समाज के मुख्य धारा में जुड़ने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा डॉ अभिषेक पल्लव के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया। नक्सली कमाण्डर गांव में रहकर बाल संघम सदस्यों को भर्ती करने तथा बड़े केडर के नक्सली के आने पर आस-पास के गावों वालों को एकत्रित करना, भोजन की व्यवस्था करना, रोड़ खोदना, पुलिस की रेकी करने तथा गावं में नक्सली विचार धारा का प्रचार प्रसार करता था।
आत्मसमर्पण करने वाले जनमिलिशिया कमाण्डर हड़मा गुमियापाल बण्डीपारा थाना किरन्दुल क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। जिसे समर्पण करने पर 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गयी है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा डॉ अभिषेक पल्लव समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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