
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई (photo source- Patrika)
Illegal Hunting: दंतेवाड़ा जिले में वन्यजीव अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। इंस्टाग्राम पर वायरल एक रील के आधार पर कार्रवाई करते हुए एंटी पोङ्क्षचग टीम और स्थानीय वन अमले ने संयुक्त रूप से दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
आरोपी द्वारा अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित इंडियन जायंट स्क्विरेल का शिकार कर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था। घर से बरामद हुए वन्यजीव अवशेष दबिश के दौरान आरोपी के घर से 9 गिलहरियों के अवशेष, एक भालू की खाल और शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले फंदे बरामद किए गए। बरामद सामग्री से अवैध शिकार की पुष्टि हुई है।
वनमंडलाधिकारी रंगनाधा रामाकृष्णा वाय ने लोगों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के शिकार से दूर रहें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें। सोशल मीडिया के जरिए अपराध का खुलासा होने का यह मामला वन्यजीव संरक्षण के लिए सतर्कता और तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण बनकर सामने आया है।
जांच के दौरान वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद दंतेवाड़ा और गीदम रेंज की संयुक्त टीम ने 8 अप्रैल को आरोपी के घर पर छापा मारा।
मामले में आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग, विशेषकर दंतेवाड़ा, जैव विविधता के लिहाज से बेहद समृद्ध क्षेत्र माना जाता है। घने जंगलों और दुर्लभ प्रजातियों की मौजूदगी के कारण यह इलाका वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से संवेदनशील भी है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में यहां अवैध शिकार (पोचिंग) की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिनमें कई बार दुर्लभ और संरक्षित प्रजातियां निशाना बनी हैं।
वन विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा हाल के समय में वन्यजीव अपराधों पर सख्ती बढ़ाई गई है। इस तरह की कार्रवाई यह संकेत देती है कि अब सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक, हर माध्यम से निगरानी की जा रही है और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई हो रही है।
Updated on:
09 Apr 2026 10:58 am
Published on:
09 Apr 2026 10:57 am
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