दंतेवाड़ा

Illegal Sand Mining: दंतेवाड़ा में रेत तस्करी चरम पर, नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां

Illegal Sand Mining: डंकनी-शंखनी नदी में पंचायत की जानकारी के बिना खनन किए जाने और ‘एक पीटपास-कई फेरे’ के खेल ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

2 min read
दंतेवाड़ा में अब रेत माफिया राज (photo source- Patrika)

Illegal Sand Mining: दंतेवाड़ा जिले में रेत खनन का खेल अब माफिया राज में तब्दील होता नजर आ रहा है। चारों विकासखंडों में सक्रिय रेत माफिया नियम-कानून को दरकिनार कर अवैध खनन और परिवहन को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला गीदम विकासखंड के बड़े तुमनार क्षेत्र का है, जहां डंकनी-शंखनी नदी में ग्राम पंचायत को बिना जानकारी दिए लगातार खनन किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें

CG Mining Mafia: इंद्रावती नदी में अवैध सड़क, नियमों को ठेंगा दिखा रहे माफिया, ग्रामीणों ने लगाई गुहार

Illegal Sand Mining: राजस्व को नुकसान, पीटपास का दुरुपयोग

सूत्रों के अनुसार रेत परिवहन में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है। एक ही पीटपास का इस्तेमाल कर कई बार रेत ढोई जा रही है, जिससे शासन को भारी राजस्व हानि हो रही है और अवैध परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है।

पर्यावरण को नुकसान, पेड़ों का हो रहा विनाश

खनन के लिए बनाए गए रास्तों ने जंगलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। सैकड़ों पेड़ मिट्टी में दब चुके हैं और कई नष्ट होने की कगार पर हैं। इसके बावजूद वन विभाग और खनन विभाग की निष्क्रियता ने उनकी भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुल के पास खनन से बढ़ा खतरा

नियमों के अनुसार किसी भी पुल से 200 मीटर की दूरी पर ही खनन की अनुमति होती है, लेकिन यहां मात्र 50 मीटर की दूरी पर मशीनों से खुदाई की जा रही है। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पुल की संरचना और नदी के प्राकृतिक संतुलन के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।

बड़ा खेल जारी

स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग केवल औपचारिक कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं, जबकि बड़े स्तर पर चल रहे इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही।

पहले भी उठे सवाल, अब भी खामोशी

खनन और वन विभाग पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लगातार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

जनता की मांग माफिया पर कड़ी कार्रवाई हो

नदी, जंगल और सरकारी राजस्व को हो रहे नुकसान के बीच अब आम जनता कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है। लोगों का कहना है कि इस अवैध खनन पर रोक लगाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि क्षेत्र को इस माफिया राज से मुक्ति मिल सके।

Illegal Sand Mining: स्थानीय व्यापारी पर संचालन के आरोप

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले में गीदम के एक चर्चित व्यापारी का नाम सामने आ रहा है, जिसे अवैध खनन नेटवर्क का संचालक बताया जा रहा है। आरोप है कि वह पर्दे के पीछे रहकर पूरे तंत्र को नियंत्रित कर रहा है और क्षेत्र में रेत कारोबार पर कब्जा जमाए हुए है।

Updated on:
07 May 2026 12:19 pm
Published on:
07 May 2026 12:18 pm
Also Read
View All