दंतेवाड़ा

Ganesh Chaturthi in chhattisgarh: महंगाई ने छोटा किया गणपति का आकार, आस्था में नहीं आई कमी, जानें क्या बदला

Ganesh Idol: गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। फरसगांव के बोरगांव में मूर्तिकार असीम सोम मिट्टी से गणपति की प्रतिमाओं को आकार देने में जुटे हैं। इस बार निर्माण सामग्री और मजदूरी महंगी होने से प्रतिमाओं की लागत बढ़ी है।
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Chhattisgarh News
महंगाई ने छोटा किया गणपति का आकार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Ganesh Chaturthi: गणेश चतुर्थी की आहट के साथ ही बोरगांव में मिट्टी को गणपति का स्वरूप देने का काम तेज हो गया है। कहीं मूर्तियों को आकार दिया जा रहा है तो कहीं उन पर रंगों की अंतिम परत चढ़ रही है। ग्राम बोरगांव के मूर्तिकार असीम सोम इन दिनों गणेश प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हैं। उनके हाथों से मिट्टी में गणेशजी के अलग-अलग स्वरूप आकार ले रहे हैं। छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक की आसपास के गांवों में मांग है, लेकिन इस बार बढ़ती महंगाई ने मूर्तिकार और ग्राहकों, दोनों का बजट प्रभावित किया है।

कारीगरों के हुनर से जिंदा है परंपरा

गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच असीम सोम जैसे स्थानीय मूर्तिकार अपनी कला के जरिए परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। मिट्टी से प्रतिमा गढ़ना उनके लिए केवल रोजी-रोटी का जरिया नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और त्योहार से जुड़ा हुनर भी है।

बोरगांव और आसपास के गांवों में गणेशोत्सव को लेकर उत्साह बना हुआ है। महंगाई का दबाव जरूर है, लेकिन गणपति स्थापना की तैयारियां पूरे उत्साह से चल रही हैं। मिट्टी से साकार हो रहे गणेशजी की प्रतिमाएं बता रही हैं- महंगाई से कीमत बढ़ सकती है, प्रतिमा का आकार छोटा हो सकता है, लेकिन आस्था का रंग फीका नहीं पड़ता।

महंगाई बढ़ी तो छोटी प्रतिमाओं की ओर झुका रुझान

मूर्तिकार असीम सोम बताते हैं कि पिछले वर्षों की तुलना में प्रतिमा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मजदूरी के दाम बढ़े हैं। इससे मूर्तियों की लागत बढ़ गई है और इसका असर बिक्री पर भी दिखाई दे रहा है। ग्राहक अब अपने बजट के अनुसार छोटी और कम कीमत वाली प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। उनके मुताबिक श्रद्धालु कम खर्च में भी घर में गणपति की स्थापना करना चाहते हैं। यही कारण है कि छोटे आकार की प्रतिमाओं की मांग अधिक है। महंगाई ने भले ही प्रतिमाओं का आकार छोटा कर दिया हो, लेकिन गणेशजी के प्रति श्रद्धा में कोई कमी नहीं आई है।

मिट्टी से गणपति तक, हाथों में दिख रहा हुनर

असीम सोम के कार्यस्थल पर अलग-अलग आकार की गणेश प्रतिमाएं तैयार हो रही हैं। मिट्टी को आकार देने से लेकर प्रतिमा को अंतिम रूप देने तक वे लगातार मेहनत कर रहे हैं। उनकी बनाई प्रतिमाओं की बोरगांव के साथ आसपास के गांवों में भी मांग है। गणेशोत्सव के दौरान यही प्रतिमाएं घरों और पंडालों में आस्था का केंद्र बनेंगी।

Updated on:
30 Aug 2026 01:14 pm
Published on:
30 Aug 2026 01:14 pm