आदर्श गांव कड़मपाल के रीमनपारा में मंगलवार से तीन दिवसीय आदिवासियों के परांपरागत वार्षिक त्योहार गड़दम मनाने की तैयारी जोरों पर है।
बचेली. आदर्श गांव कड़मपाल के रीमनपारा में मंगलवार से तीन दिवसीय आदिवासियों के परांपरागत वार्षिक त्योहार गड़दम मनाने की तैयारी जोरों पर है। पांच से 7 जून तक रीमनपारा कड़मपाल में दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है।
पार्किंग व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा रहा है
मुर्गा बाजार में मुर्गों के बीच जमकर द्वंद कराई जाएगी। इसके लिए कड़मपाल के सभी ग्रामीण तैयारी में जुटे हुए हैं। मुर्गो के सुरक्षित अखाड़े का निर्माण, लगने वाले दुकानों के स्थान व वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके एक सप्ताह बाद फसल पर्व विज्जा पंडुम हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।
लड़ाई में ग्रामीण मुर्गों पर पैसे भी लगाते है
मुर्गों के लड़ाई के लिए तैयार हो रहे इस अखाड़े में पूरे तीन दिन मुर्गों की लड़ाई होती है जिसमें ग्रामीणों की भीड़ जमा होती है। ग्रामीणों की भीड़ सिर्फ मुर्गों की लड़ाई के लिए ही नहीं होती बल्कि यहां हो रही लड़ाई में ग्रामीण मुर्गों पर पैसे भी लगाते है। जो मुर्गा जीत जाता है उसे पैसे मिल जाते है।
सभी प्रकार की फसलों की भेंट चढ़ाकर प्रसन्न किये जाने की परंपरा
कार्यक्रम के आयोजक पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुदरू कुंजाम ने बताया कि कोयतोर आदिवासी समुदाय लोगो द्वारा थल्लुड़मुत्ते (जमीन) व कोड़ोगुबाल (शिव पार्वती) को सभी प्रकार की फसलों की भेंट चढ़ाकर प्रसन्न किये जाने की परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है।
जसकी जीत गांव की खुशहाली और संपन्नता सुनिश्चित करेगी
तीन दिवसीय मुर्गा लड़ाई मेले गड़दम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसमें सबसे पहले फसल बीज समर्पण के नाम से पहला मुर्गा बंधा जाएगा, जिसकी जीत गांव की खुशहाली और संपन्नता सुनिश्चित करेगी। आयोजन के प्रमुख पेरमा, गायता, पुजारी सहित नगरीय क्षेत्र के लघु व्यापारियों की भी मौजूदगी रहेगी।