Lone Varatu campaign : नक्सली संगठन ते काम कियानोर गुलई मानेर आत्मसमर्पण किसी, समाज ते मुख्यधारा ते सामिल आसी लोन वासी शासन ते नीति ता लाभ पोयसी मनवा परिवार संगे सम्मान ते बत्तका-काल। जिला दंतेवाड़ा पुलिस तोर दिनाल मी संगे मंतोर।
दंतेवाड़ा. नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस ने नक्सलियों से एक कदम आगे बढ़ते हुए एक नया व अभिनव अभियान छेड़ दिया है, जिसमें इलाके के मोस्ट वांटेड इनामी नक्सलियों के नाम व उन पर घोषित इनाम की सूची सार्वजनिक की गई है। इसके जरिए पुलिस ने नक्सलियों के नाम व पते के साथ उनके बारे में जानकारी देकर उनसे घर वापस लौटने की अपील की है। इस प्रेसनोट में पुलिस ने स्थानीय भाषा यानी जिस भाषा में नक्सली बात करते उसी भाषा में अपील करते हुए प्रेसनोट जारी किया है।
अभियान की शुरूआत कटेकल्याण थाना क्षेत्र के चिकपाल गांव से
सरेंडर पॉलिसी का लाभ उठाने की अपील के साथ ही पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समेत अन्य पुलिस अफसरों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं। इस अभिनव पहल में गोंडी शब्द लोन वर्राटू ( Lone Varatu campaign) का नारा दिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ है घर वापस लौटें। दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव ने यह पहल की है। इस अभियान की शुरूआत कटेकल्याण थाना क्षेत्र के चिकपाल गांव से की गई है।
पहली सूची में चिकपाल के 13 इनामी नक्सली
पुलिस द्वारा जारी पहली सूची में चिकपाल गांव निवासी 5 लाख के इनामी नक्सली व एरिया कमेटी मेंबर लखन उर्फ सुरेश मरकाम पिता हुंगा, 8-8 लाख के इनामी डीवीसी मेंबर हिड़मे मरकाम पिता हड़मा, रीजनल कंपनी सदस्य मुया मुचाकी पिता भीमा के अलावा 1-1 लाख के इनामी जोगा मरकाम, बामन मुचाकी, कुम्मा, बरूम उर्फ गंगा उर्फ लोकेश मुचाकी, चैतू पोडिय़ाम, आयते, भीमा मरकाम, लखमा मुचाकी, माड़ो मरकाम, जोगी के नाम शामिल हैं। इस सूची में नक्सलियों के पदनाम के अलावा उनके द्वारा धारित शस्त्र का भी जिक्र है।