
Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर उद्घाटन और राम लला की प्राण प्रतिष्ठा पर 22 जनवरी को होगी। इस दिन शक्ति पीठ दंतेवाड़ा में भी भव्य उत्सव मनाया जाएगा। भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना के साथ दीपोत्सव भी होगा। इसकी रूप रेखा तय करने आज दंतेश्वरी मंदिर में विशेष बैठक हुई। हुई। बैठक में विधायक चैतराम अटामी, एसडीएम आईएएस जयंत नाहटा, तहसीलदार बीएन खुटे, मंदिर के पूजारी, सेवादार और मांझी उपस्थित थे।
बैठक में तय हुआ कि राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर 22 जनवरी को दंतेश्वरी मंदिर परिसर में विशेष पूजा होगी। माता भुनेश्वरी मंदिर के ठीक सामने बड़ी एलईडी स्क्रीन पर अयोध्या से श्रीराम मंदिर शिलान्यास का लाईव प्रसारण प्रदर्शित होगा।
यहां भगवान श्रीराम को विशाल तस्वीर भी होगी, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकेंगे। प्राण प्रतिष्ठा के बाद विशेष पूजा होगी और भण्डारा प्रसाद का वितरण होगा। क्षेत्र की रामायण मंडलियों द्वारा राम भजन और कीर्तन प्रस्तुत किये जायेंगे।22 जनवरी की शाम दंतेश्वरी मंदिर कारीडोर और परिसर 21 सौ दीयों की रोशनी से जगमगायेगा। इस विशेष अनुष्ठान की तैयारी 17 जनवरी से ही प्रारंभ हो जाएगी।
श्रद्धालु अपने श्रद्धा के अनुसार भगवान के प्रति आस्था दिखार्त कलश स्थापना भी कर सकते हैं। यह कलश नव निर्मित कारीडोर में स्थापित कर वे पूजा कर सकते हैं। 17 और 18 जनवरी को श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर शहर की सफाई का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 21 जनवरी को दंतेश्वरी मंदिर परिसर की सफाई लिए भक्त जुटेंगे।
एलईडी स्क्रीन पर अयोध्या से सीधा प्रसारण
बैठक में यह भी तय हुआ कि शहर के साथ ही गुमरगुंडा, समलूर, बारसूर, तपेश्वरी माता मंदिर सहित अन्य देवालयों में भी 22 जनवरी के विशेष अवसर पर पूजा-अर्चना और दीप जगमगायेंगे। दंतेश्वरी मंदिर के प्रधान पुजारी हरेन्द्र नाथ जिया ने सभी मांझी, मुखिया, भक्तजनों, श्रद्धालुओं और समस्त लोगों से भगवान श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर मंदिरों के साथ ही अपने-अपने घरों में भी दीप प्रज्वलन कर पूजन और दीवाली मनाने का आह्वान किया है। विधायक चैतराम अटामी ने कहा है कि भगवान श्रीराम हमारे आस्था के केन्द्र हैं और अयोध्या का भव्य श्रीराम मंदिर देश के करोड़ों हिन्दुओं की भावनाओं की अभिव्यक्ति है। करीब 5 सौ वर्षों बाद हमें दो बार दीवाली मनाने का सौभाग्य मिला है। अत: हम सभी इस अवसर को पर्व का स्वरूप देकर अविस्मरणीय बनाएं।