
दरभंगा: साइकिल से हजारो किलोमीटर लंबा सफर तय कर अपने पिता को गांव लाने वाली बिहार के दरभंगा की ज्योति कुमारी (Jyoti Kumari Darbhanga) ने विश्व स्तर पर सुर्खिया बंटोरी। बेटी का फर्ज निभाने वाली ज्योती का दिल भी बहुत बड़ा है। पारिवारिक रिश्तों का महत्व समझने वाली ज्योति ने समाज के सामने एक नजीर पेश की है। साहसिक काम करने पर खुद को मिली इनाम राशि का एक भाग ज्योति ने अपनी बुआ का घर बसाने के लिए खर्च कर दी है। ज्योति के इस काम की चारों ओर सराहना हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसार ज्योति के दादा का एक भाई था। दोनों दादा कारी पासवान व शिवनंदन पासवान का देहांत हो चुका है। ज्योति की दूसरी दादी लीला देवी लकवाग्रस्त है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ज्योति का अपनी बुआ और लीला देवी की बेटी से बेहद लगाव है।
मजदूर पिता की इस बेटी को जब इनाम की राशि मिली तो उसके मन में बुआ के हाथ पीले करने की बात आई। यह बात उसने अपने माता—पिता से साझा की। इसके बाद बुआ कविता की शादी समस्तीपुर जिले में नाथुद्वार गांव के शिबू पासवान के पुत्र अरविंद पासवान के साथ श्यामा मंदिर में हुई। इसमें ज्योति को मिले इनाम में से 50 हजार रुपए खर्च किए गए। ज्योति के पिता मोहन पासवान का कहना है कि समाज से हमें सहयोग मिला है। ज्योति ने बुआ की शादी करने की बात कही तो सहयोग राशि से गरीब परिवार की लड़की की शादी कर दी। उन्होंने कहा कि उन्हें ज्योति पर बहुत गर्व है।
गौरतलब है कि Coronavirus के दस्तक देने के बाद लगाए गए लॉकडाउन के बीच ही ज्योति के पिता की तबीयत बिगड़ गई थी। वह हरियाणा के गुरुग्राम में मजदूरी करते थे। ज्योति 1200 किलोमीटर तक साइकिल पर बैठाकर अपने पिता को बिहार के दरंभगा जिले के सिरहुल्ली गांव तक ले आई थीं। इसके बाद ज्योति की मदद को कईं हाथ आगे आए। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने भी उसकी सराहना की थी।