दतिया

एमपी के 102 सरकारी स्कूलों पर गहरा रहा संकट ! सरकार ये काम करने की कर रही तैयारी

Crisis on 102 government schools: मध्य प्रदेश के 102 सरकारी स्कूलों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। ये 102 स्कूल वो हैं जिनमें छात्रों की संख्या 20 से कम है।

2 min read
Mar 08, 2025

Crisis on 102 government schools: मध्य प्रदेश के दतिया जिले के शासकीय स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक पदस्थ होने के बावजूद शिक्षा का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। शासन ने कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद करने और उन्हें दूसरे स्कूलों में मर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस प्रक्रिया में लापरवाही बरती जा रही है। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि सरकारी धन का भी दुरुपयोग हो रहा है।

20 से कम छात्र संख्या वाले 102 विद्यालय

जिले में 20 से कम छात्र संख्या वाले 102 सरकारी विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें 96 प्राथमिक, 5 माध्यमिक और 1 हायर सेकंडरी स्कूल शामिल हैं। शासन के निर्देश के बावजूद इन स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है।

कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक स्कूल

  • भाण्डेर विकास खंड – हसारी, सिमिरिया, स्वतंत्रपुरा, समथर तिराहा (9-9 छात्र), खिरिया झांसी, निचरौली, पूरनपुरा, तोर पथर्रा (8-8 छात्र) सहित अन्य स्कूल।
  • दतिया विकास खंड – बाबा का डेरा, मड़ैयन बनवास, लोई बड़ोनी (5-5 छात्र), बनियांकछार, रावतपुरा, सरजू का डेरा सोनागिर (4-4 छात्र) सहित अन्य।
  • सेंवढ़ा विकास खंड – वीरपुरा, सिकरौली, भैंसाई (9-9 छात्र), व्यासपुरा (7 छात्र) सहित अन्य।

हायर सेकंडरी और माध्यमिक स्कूलों की भी यही स्थिति

कम छात्र संख्या की समस्या केवल प्राथमिक स्कूलों तक सीमित नहीं है।

  • हायर सेकंडरी स्कूल – चौपरा में मात्र 5 विद्यार्थी दर्ज।
  • माध्यमिक स्कूल – भाण्डेर के बगदा (16 छात्र), केवलारी (17 छात्र), कुम्हरिया (19 छात्र), दतिया के खिरिया नाई (14 छात्र) और सेंवढ़ा के माध्यमिक संस्कृत विद्यालय (17 छात्र) शामिल हैं। 217 शिक्षक पदस्थ, जरूरत से ज्यादा स्टाफ

इन 102 विद्यालयों में जरूरत के अनुसार 102 शिक्षक पर्याप्त होते, लेकिन वर्तमान में 217 शिक्षक पदस्थ हैं। इनमें कई स्कूलों में 2-3 शिक्षक कार्यरत हैं, जिससे शासन को अतिरिक्त वेतन भार उठाना पड़ रहा है।

शासन की गाइडलाइन और जिला प्रशासन की कार्रवाई

अप्रैल 2024 में संचालक स्कूल शिक्षा, भोपाल द्वारा आदेश जारी किया गया था कि 20 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद कर बच्चों को नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जाए। लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। जिला शिक्षा अधिकारी यूएन मिश्रा ने कहा कि हमने शासन को प्रस्ताव भेजा है और शीघ्र ही ऐसे विद्यालयों को मर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।'

फैक्ट फाइल

  • 102 सरकारी विद्यालयों में 20 से कम छात्र।
  • 96 प्राथमिक शालाएं प्रभावित।
  • 5 माध्यमिक विद्यालय, 1 हायर सेकंडरी स्कूल भी सूची में।
  • 217 शिक्षक पदस्थ, जबकि जरूरत केवल 102 शिक्षकों की।
  • 51 विद्यालय दतिया विकासखंड, 26 विद्यालय भाण्डेर, 25 विद्यालय सेंवढ़ा में।
Updated on:
08 Mar 2025 09:43 am
Published on:
08 Mar 2025 09:42 am
Also Read
View All

अगली खबर