
Ashutosh Tiwari - दतिया में विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत हुई। पार्टी के प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने बीजेपी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हराया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम सामने आते ही प्रदेश की सियासत गरमा गई। बीजेपी के अंदरखाने भी हलचल हुई। दतिया में भाजपा क्षेत्रीय नेताओं को जुटाने में विफल रही। बाहरी नेता जातिगत समीकरण साधने में सफल नहीं हो सके। सबसे ज्यादा भितरघात ने 'कमल' का खेल बिगाड़ा। अभी तक चुप रहे पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी उपचुनाव के परिणाम आने के बाद इस मुद्दे पर मुखर हो गए। उन्होंने पार्टी में भितरघात का स्पष्ट संकेत दिया। आशुतोष तिवारी ने यह कहकर अपना दर्द व्यक्त किया कि "बीजेपी को मां कहने वालों ने ही ऐसा मजाक किया।" अब भितरघात के मुद्दे पर पार्टी में मंथन और कार्रवाई की बात भी कही जा रही है।
उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता, प्रदेश के पूर्व मंत्री व दतिया के पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा ने अपनी सियासी पारी खत्म करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में बोला "मेरी राजनीति का पटाक्षेप हुआ"। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें बहुत दिया। अब किसी पद की लालसा नहीं रही। हालांकि उन्होंने बीजेपी में कार्यकर्ता के रूप काम करते रहने की इच्छा जताई।
गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा 3 बार दतिया से विधायक रहे पर पिछला चुनाव हार गए थे। उन्हें हरानेवाले कांग्रेस के विधायक राजेंद्र भारती की जब भ्रष्टाचार के मामले में सदस्यता चली गई तो वे उपचुनाव लड़ने के लिए पुन: बेकरार हो उठे। नरोत्तम मिश्रा ने पूरी तैयारी कर ली पर पार्टी ने उनकी टिकट काट दी। इसके बाद पूरे दतिया में हंगामा मच गया। उनके समर्थकों ने हाईवे जाम कर दिया और सैंकड़ों बीजेपी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए थे। पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं के असंतोष को दतिया में हार की प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी में भितरघात की बात प्रमुखता से उठी है। परिणाम आने के बाद दतिया के भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भी इसे स्वीकारा। पत्रकारों द्वारा भितरघात के संबंध में सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि भाजपा को मां कहने वालों ने ही ऐसा मजाक किया है, हम हार की समीक्षा करेंगे।
बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अभी भितरघात पर सीधे तौर पर पार्टी के किसी नेता पर कोई आरोप नहीं लगाया। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि चर्चा तो होती रहती है, लेकिन धुआं उठा है तो आग भी होगी।