MP News- कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। अस्पताल की हालत देख वे नाराज हो गये और प्रबंधन पर सवाल उठाया। प्रबंधन ने उनसे कहा कि उनके पास बजट नहीं है।
MP News-दतिया जिला अस्पताल के मेटरनिटी विंग में गुरुवार को कलेक्टर औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दरौन वार्डों में गंदगी देख कलेक्टर भड़क गए। साथ ही उन्होंने सिविल सर्जन से कहा कि दो दिन पहले रात को आपने क्या निरीक्षण किया था। आपकों गंदगी नहीं दिखी। उधर मेटरनिटी विंग की लिफ्ट बंद होने पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि उनके पास बजट नहीं है। इस वजह से लिफ्ट की मरम्मत नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस के बजट से लिफ्ट की जल्द मरम्मत कराएं। साथ ही अगर बजट की कर्मी रहती है, तो उसका रास्ता भी निकाला जाएगा।
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े (Swapnil Wankhade) जिला अस्पताल की निरीक्षण करने पहुंचे तो अस्पताल में अव्यवस्थाएं मिली। इस दौरान सामने आया कि सेडमेप से एग्रीमेंट न होने की वजह से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक एग्रीमेंट नहीं हो रहा है, तब तक अस्पताल प्रबंधन निजी तौर पर ठेका देकर सफाई कराए। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए। उसके बाद उन्होंने सफाई व्यवस्था के लिए कहा कि आप लोग नगर पालिका दतिया से संपर्क करें, जिससे अस्पताल की सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
जिला अस्पताल के बाहर सड़क पर सैकड़ों वाहन खड़े होने से वाहनों के आवागमन की समस्या रहती है। कलेक्टर ने इसके चलते अस्पताल परिसर के पास बने पुराने पशु अस्पताल भवन की जगह में पार्किंग व्यवस्था संचालित कराने के निर्देश दिए। साथ ही मौके पर ही उन्होंने लोकनिर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को फोन करके कहा कि आप मैदान को समतल जल्द करें। जिससे अस्पताल में आने वाले अटेंडरों के वाहन वहां खड़े हो सके।
मेटरनिटी विंग का जब कलेक्टर निरीक्षण कर रहे थे, तभी सामने आया कि सबसे अधिक इंदरगढ़ सरकारी अस्पताल से 70 प्रसूताओं को जिला अस्पताल में रेफर किया गया है। उन्होंने मौके से बीएमओ को फोन कर कहा कि आप कार्रवाई के डर से प्रसूताओं को रेफर कर देते हैं। आप व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें। साथ ही अगर गंभीर केश तो तभी जिला अस्पताल में प्रसूताओं को रेफर किया जाए। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल की मेटरनिटी विंग में लंबे समय से लिफ्ट बंद है। इसकी मरम्मत भी अस्पताल प्रबंधन के द्वारा बजट के अभाव की वजह से नहीं कराई जा रही है। कलेक्टर ने सीएस से पूछा तो उन्होंने बताया कि लिफ्ट टेक्नीकल फॉल्ट की वजह से खराब है। उन्होंने कहा कि टेक्नीकल फॉल्ट जल्द सही कराया जाए। वहीं आरएमओ से कहा कि सेडमैप से वह जल्द ही एग्रीमेंट कराए। जिससे अस्पताल की व्यवस्था में सुधार लाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल में नपा द्वारा सफाई कराने के निर्देश आरएमओ को दिए हैं। जिसका भुगतान भी नपा को अस्पताल प्रबंधन करेगा।