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दतिया की सियासत में नया अध्याय, घनश्याम सिंह की विधानसभा में एंट्री, विधानसभा अध्यक्ष ने दिलाई शपथ

MLA Ghanshyam Singh Takes Oath: दतिया उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह ने विधानसभा पहुंचकर शपथ ली। नरेंद्र सिंह तोमर ने उन्हें बधाई दी, जबकि कई बड़े कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
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Sep 06, 2026
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MLA Ghanshyam Singh Takes Oath: दतिया उपचुनाव में जीत के एक महीने बाद कांग्रेस विधायक ने विधायकी की शपथ (फोटो सोर्स- Patrika)

Datia MLA Ghanshyam Singh Oath: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट से नवनिर्वाचित कांग्रेस के विधायक घनश्याम सिंह ने विधानसभा पहुंचकर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के सामने विधायकी की शपथ ली। विधानसभा अध्यक्ष ने घनश्याम सिंह को शपथ लेने के बाद बधाई दी और सम्मानित किया। शपथ ग्रहण में घनशयाम सिंह के साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, विधायक फूलसिंह बरैया सहित अन्य बड़े नेता शामिल रहे।

बता दें कि, जुलाई -अगस्त में हुए दतिया सीट के उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी घनशयाम सिंह ने भाजपा के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6029 वोटों से हराया था। इससे पहले भी यह सीट कांग्रेस के पास ही थी। घनश्याम सिंह दतिया के राजघराने से आते है।

भाजपा प्रत्याशी ने लगाया था 'भितरघात' का आरोप

बता दें कि, दतिया में विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने चुनाव के दौरान पार्टी में भितरघात का स्पष्ट संकेत दिया। आशुतोष तिवारी ने कहा था कि "बीजेपी को मां कहने वालों ने ही ऐसा मजाक किया।" अब भितरघात के मुद्दे पर पार्टी में मंथन और कार्रवाई की बात भी कही जा रही है।

नरोत्तम मिश्रा ने राजनीतिक पारी खत्म करने का किया था ऐलान

उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता, प्रदेश के पूर्व मंत्री व दतिया के पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा ने अपनी सियासी पारी खत्म करने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने साफ शब्दों कहा था कि "मेरी राजनीति का पटाक्षेप हुआ"। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें बहुत दिया। अब किसी पद की लालसा नहीं रही। हालांकि उन्होंने बीजेपी में कार्यकर्ता के रूप काम करते रहने की इच्छा जताई।

दतिया में कांग्रेस की जीत के पांच महत्वपूर्ण कारक

  • भाजपा में टिकट को लेकर असंतोष, गुटबाजी, भितरघात ने कांग्रेस को लाभ पहुंचाया, यही जीत का बड़ा कारण रहा है।
  • कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की स्थानीय स्वीकार्यता भाजपा प्रत्याशी की तुलना में ज्यादा थी। वे दतिया के ही हैं और स्थानीय मुद्दों की समझ रखते हैं, इसलिए जनता ने उन्हें चुना।
  • कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह, पूर्व विधायक प्रियव्रत सिंह के मामा हैं। पूरी क्षत्रिय लॉबी दिग्विजय सिंह, अजय सिंह, जयवर्धन सिंह आदि ने मतभेद भुलाकर चुनाव में भरपूर मदद की। अवधेश नायक ने ब्राह्मण वोटर्स और विधायक फूल सिंह बरैया ने एससी के वोट तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अजजा वोटर्स को एकजुट किया।
  • कांग्रेस का दतिया में बूथ प्रबंधन भी बेहतर रहा। चुनाव अभियान को भी स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रखा गया।
  • कांग्रेस के लिए दतिया की जीत मनोबल बढ़ाने वाली है। इससे कार्यकर्ताओं में आगामी चुनावों के लिए ज्यादा जोश भरेगा और ज्यादा लोग जुड़ेंगे। पार्टी में भी एकजुटता का संदेश गया।
Updated on:
06 Sept 2026 01:44 pm
Published on:
06 Sept 2026 01:44 pm