illegal farming: पहूज नदी जो एमपी में हजारों लोगों की जल जरूरतें पूरी करती है, अब अवैध खेती और अतिक्रमण की चपेट में है। दबंगों ने बहाव रोक सिंचाई शुरू कर दी है।
illegal farming: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित भांडेर नगर के 40 हजार लोगों की प्यास बुझाने वाली पहूज नदी का अस्तित्व खतरे में है। हालात यह है कि दंबग नदी के किनारों पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। इतना ही नहीं दंबगों ने नदी की धारा को रोककर गर्मियों के दिनों में फसलों की सिंचाई भी करते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर अतिक्रमण की चपेट में आने से नदी नाले में बदल गई है। नपा और राजस्व अमले के सामने नदी के किनारों पर अतिक्रमण होने के बाद भी आज तक दबंगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
नगर की जीवनदायनी कही जाने वाली पहूज नदी के किनारों पर गर्मियों में पिछले 20 वर्ष से दंबग खेती कर रहे हैं। नदी के किनारों को ट्रैक्टरों के हलों से अवैध तरीके से जोतकर सब्जी की फसल की बुवाई कर दी गई। वहीं दूसरी ओर लहार रोड वाटर वक्स जहां नगर परिषद का प्लांट है, उसके आसपास भी दबंगों ने सब्जी की फसल की बुवाई की है।
इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा इन दंबगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के किनारों पर कब्जा किए जाने को लेकर पूर्व में शिकायतें हुई हैं। लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में अब 40 हजार लोगों की प्यास बुझाने वाली पहूज नदी के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है।
भांडेर नगर वासियों का कहना है कि दंबगों ने तीन किमी तक किनारों को खेती के लिए जोत दिया है। जगह-जगह नदी के किनारों पर अतिक्रमण हैं। नदी के किनारे अतिक्रमण की जांच के निर्देश सांसद संध्या राय ने एसडीएम और तहसीलदार को दिया था। साथ ही अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए हैं लेकिन अतिक्रमण कर खेती कर रहे हैं।
इस मामले में नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता रामजीवन राय ने कहा कि नगरीय क्षेत्र सीमा में जो भी अतिक्रमण आएगा है। उसको हटाने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीँ एसडीएम सोनाली राजपूत ने कहा कि पहूज नदी के किनारे पर जो लोग खेती कर रहे हैं। इसकी जानकारी लेने के बाद जांच कराई जाएगी।