
Datia By Election 2026- दतिया में विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आज आएंगे। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरु होगी और दोपहर तक सियासी तस्वीर साफ हो जाएगी। दतिया में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है। मुख्य रूप से भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच कड़े संघर्ष की बात कही जा रही है। हालांकि आजाद समाज पार्टी (आसपा) उम्मीदवार दामोदर यादव ने तीसरे मोर्चे के रूप में मुकाबले को दिलचस्प और कड़ा बना दिया है। दतिया उपचुनाव इन तीनों नेताओं का राजनैतिक भविष्य निर्धारित कर देगा। बीजेपी के लिए दतिया में जीत नया विश्वास लेकर आएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और संगठन को इसका श्रेय मिलेगा जबकि पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का राजनैतिक भविष्य भी तय होगा।
दतिया उपचुनाव के लिए जिले के विभिन्न अधिकारियों को मतगणना कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी भूपेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि संयुक्त कलेक्टर संतोष कुमार तिवारी को मतगणना स्थल पर लगाए गए सीसीटीवी और वीडियो कैमरों की निगरानी का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे पूरी मतगणना प्रक्रिया पर तकनीकी निगरानी रखेंगे और रिकॉर्डिंग व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बिजेंद्र यादव को मतगणना कक्ष से जिला निर्वाचन अधिकारी तक पल- पल की जानकारी पहुंचाने, मतगणना सामग्री की उपलब्धता, मतगणना कार्मिकों के समन्वय और आवश्यक प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है।
मतगणना और नतीजों के कुछ घंटों पहले कांग्रेस ने बड़ा निर्णय लेते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को निलंबित कर दिया। दतिया के कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की शिकायत पर ये कार्रवाई की गई। निलंबन पर भड़के राजेंद्र भारती ने कहा कि हार की आशंका के कारण घनश्याम सिंह ने झूठे आरोप लगाए।
दतिया विधानसभा का उपचुनाव बीजेपी के लिए अहम है। इसके नतीजे पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के कद का निर्धारण करेंगे। इस उपचुनाव के परिणाम दतिया के पूर्व विधायक व प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम का सियासी भविष्य भी तय करेंगे। भाजपा जीतती है तो इसका पूरा श्रेय सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और पार्टी संगठन को जाएगा।
भाजपा का अंदरूनी गणित बता रहा है कि उपचुनाव में हालांकि टक्कर कांटे की है पर नतीजे उसके पक्ष में आ सकते हैं। ऐसा नहीं हुआ तो कई नेताओं को दिक्कत आ सकती है। बीजेपी के हारने पर ठीकरा टिकट वितरण के समय विरोध, नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की कथित भितरघात पर फूट सकता है।
त्रिकोणीय मुकाबला होने से उपचुनाव के नतीजे पर सभी की नजरे हैं। भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच के संघर्ष को आजाद समाज पार्टी (आसपा) के उम्मीदवार दामोदर यादव ने और कड़ा बना दिया है। उपचुनाव में जीत हार, इन तीनों नेताओं का सियासी भविष्य तय करेगी।