
दौसा। सरकार जरूरतमंद परिवारों तक मुफ्त राशन पहुंचाने के दावे कर रही है, लेकिन दौसा जिले में कुछ राशन डीलर वर्षों से इसी व्यवस्था में सेंध लगाकर जरूरतमंदों के हिस्से का अनाज बाजार में बेचते रहे। विभागीय जांच में जिले के सात राशन डीलरों द्वारा 3011 क्विंटल गेहूं के गबन का खुलासा हुआ है। जांच में दोषी पाए जाने पर सातों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। दो डीलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जबकि पांच अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब दौसा जिले के कई गांवों के लाभार्थियों ने राशन नहीं मिलने की शिकायतें विभाग को भेजी। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि डीलर हर महीने किसी न किसी बहाने से राशन देने से मना कर देते थे। किसी को कहा जाता कि गेहूं आया ही नहीं, तो किसी को अगले महीने आने की बात कहकर लौटा दिया जाता था।
दूसरी तरफ रिकॉर्ड में वितरण दर्शाकर अनाज को दूसरी जगह भेजने का मामला सामने आया है। जांच में सामने आया कि जरूरतमंद उपभोक्ताओं को अक्सर यह कहकर वापस भेज दिया जाता था कि सरकारी गेहूं अभी नहीं आया है या स्टॉक खत्म हो गया है। कई लाभार्थियों ने महीनों तक राशन नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं अनेक डीलरों का कहना है उन्होंने कोई गड़बड़ी नहीं की। आरोप गलत है।
ग्रामीणों और पात्र परिवारों की शिकायतों के बाद रसद विभाग ने रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच कराई। जांच में कई जगह स्टॉक रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण में अंतर मिला। विभागीय अधिकारियों ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए विस्तृत जांच की। जांच रिपोर्ट में सातों डीलरों को दोषी माना गया।
जांच के अनुसार पलानहेड़ा क्षेत्र के राशन डीलर पर 840 क्विंटल अनाज के गबन का आरोप सामने आया, जो जिले में चर्चित मामला है। अब पुलिस कार्रवाई होगी।
लालाराम मीणा, भांवता-भांवती: 408 क्विंटल अनाज के गबन का आरोप। एफआईआर दर्ज
रमेश चंद्र शर्मा, जीतपुर राहुवास: 256 क्विंटल अनाज का गबन का आरोप, एफआईआर के आदेश
साहब सिंह गुर्जर, नाहिड़ा: 254 क्विंटल 74 किलो अनाज का गबन का आरोप, एफआईआर के आदेश
आराम सिंह गुर्जर, बड़ागांव: 196 क्विंटल अनाज का गबन का आरोप, एफआईआर दर्ज करने के आदेश
जतन सिंह गुर्जर, सलमेपुर: 526 क्विंटल अनाज का गबन का आरोप। एफआईआर के आदेश
तोताराम मीणा, ठीकरिया: 531 क्विटल अनाज का गबन, एफआईआर दर्ज
संजय कुमार मीणा, पलानहेड़ा: 840 क्विंटल अनाज का गबन का आरोप, एफआईआर के आदेश
विभागीय जांच में सातों राशन डीलर दोषी पाए गए हैं। सभी के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। दो मामलों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है तथा पांच मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं। गरीबों के हक का अनाज हड़पने वालों के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-के. के. गुप्ता, जिला रसद अधिकारी