पुलिस ने डीएसटी टीम एवं साइबर सैल के सहयोग से लाखों रुपए की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर मोबाइल जब्त किया है।
लालसोट। मंडावरी थाना पुलिस ने डीएसटी टीम एवं साइबर सैल के सहयोग से लाखों रुपए की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर मोबाइल जब्त किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्क फ्रॉम होम के नाम कई जनों को शिकार बना कर उनसे लाखों रुपए की ठगी की है। आरोपी के मोबाइल नंबर व व्हाट्सएप नंबरों के खिलाफ तेलंगाना के हैदराबाद और उप्पल रचकोण्डा, हरियाणा के पानीपत एवं उत्तर प्रदेश के सिंदोरा में भी प्रकरण दर्ज मिले हैं, जिससे यह अनुमान है कि आरोपी अब तक कई राज्यों के लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना चुका है।
लालसोट डिप्टी एसपी दिलीप मीना ने बताया कि बगड़ी से बिलौना खुर्द जाने वाले रोड पर मंडावरी थानाधिकारी घासीराम की अगुवाई में पुलिस टीम को एक जना मोबाइल फोन चलाता मिला। भागने लगा तो उसे घेरा देकर पकड़ लिया। उसने अपना नाम हरिसिंह मीना पुत्र रामकेश मीना निवासी बगडी बताते हुए कहा कि वह मोबाइल फोन के माध्यम से लोगों को घर बैठे हैण्डराइटिंग का जॉब देने का झांसा देकर साइबर ठगी करता है।
पुलिस टीम ने आरोपी को मोबाइल कब्जे मे लेकर जांच की तो उसमे साइबर ठगी के तरीकों के बारे में जानकारी भी मिल गई। जिसमे आरोपी द्वारा घर बैठे हैण्डराइटिंग कर 50 पेज लिखने पर एक सप्ताह के 13 हजार 500 रुपए कमाने तथा इसी प्रकार अलग-अलग प्रोजेक्ट पर अलग-अलग सैलरी देने का वादा किया गया है।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह घर बैठे काम करने का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस एवं डिलेवरी चार्ज, जीएसटी चार्ज, पेंडिंग चार्ज एवं अन्य नाम से रुपए प्राप्त करता है तथा उसके बाद उनके मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कर देता है। उसने अब तक अनेक लोगों से घर बैठे हैण्डराइटिंग के नाम पर जॉब देने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी की है। डिप्टी एसपी दिलीप मीना ने बताया कि प्रकरण दर्ज कर जांच लालसोट थानाधिकारी को सौंप दी है। सोमवार को न्यायालय में पेश करने पर आरोपी को मंगलवार तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
मंडावरी थानाधिकारी घासीराम ने बताया कि इस कार्रवाई मेें उनके साथ एएसआई दशरथ सिंह, डीएसटी के हैड कांस्टेबल प्रदीप सिंह, लोकेश कुमार ,साईबर सैल के हैड कांस्टेबल अजय सिंह,डीएसटी के कांस्टेबल राजेन्द्र कुमार,विजय कुमार,घनश्याम, राकेश, जगमाल, दिनेश कुमार, सोनू, इन्द्रजीत, मदनलाल एवं मुकेशकुमार शामिल रहे।