दौसा

Dausa: खाद-बीज की दुकानों व गोदामों पर पहुंचे कृषि अधिकारी, मचा हड़कंप

दौसा जिले के गीजगढ़ कस्बे सहित आसपास के गांवों में खाद-बीज विक्रेताओं द्वारा किसानों से अधिक दाम वसूलने की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने सख्त रूप अपनाया है।

2 min read
Jul 31, 2025
खाद विक्रेताओं की दुकान का निरीक्षण करते अधिकारी। फोटो: पत्रिका

दौसा। जिले के गीजगढ़ कस्बे सहित आसपास के गांवों में खाद-बीज विक्रेताओं द्वारा किसानों से अधिक दाम वसूलने की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने सख्त रूप अपनाया है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने सोमवार को किसानों को नहीं मिल रहा यूरिया खाद शीर्षक खबर प्रकाशित की थी।

विभाग के अधिकारियों ने गत दिवस खाद-बीज की दुकानों व गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इसकी सूचना मिलते ही खाद-बीज विक्रेताओं में हड़कंप मच गया और कुछ व्यापारी तो दुकानों के शटर लगाकर भाग छूटे। इससे अधिकारियों को बिना कार्रवाई वापस लौटना पड़ा।

ये भी पढ़ें

Sawai Madhopur: नदी नाले उफान पर, अलग-अलग जगह जलभराव में फंसे 95 लोग, SDRF ने सभी को सुरक्षित बचाया

विक्रेताओं को निर्धारित दरों पर ही खाद बीज बेचने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान खुली मिली दुकान पर अधिकारियों ने विक्रेताओं को निर्धारित दरों पर ही खाद बीज बेचने के निर्देश दिए। खंड जयपुर के उपनिदेशक कल्याणसहाय ने टीम के साथ कस्बे सहित आसपास गांवों में खाद विक्रेताओं की दुकानों व गोदामों का सघन निरीक्षण किया। सुरज्ञान सिंह गुर्जर, शंभू सोनी आदि मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान लोगों की भीड़ लग गई और हंगामा भी किया।

बाजरे की फसल में यूरिया खाद की जरूरत

लवाण. इस समय बारिश के सही समय पर होने से खेतों में बाजरे की पैदावार बम्पर हो रही है, वहीं किसानों को भी अच्छी पैदावार की उम्मीद जग रही है, लेकिन इस समय बाजरे की फसल में यूरिया खाद की बहुत ही सख्त जरूरत है, लेकिन जीएसएस पर तो कई माह से खाद ही नहीं आने से अब फसल कमजोर व खराब होने से धरतीपुत्र के चेहरे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी है। खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं।

किसानों ने बताया कि पचास किलो बैग की कीमत सरकारी मूल्य 267 है, बाजार में 400 रुपए देकर बैग खरीदना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर खाद की किल्लत के चलते उन्हें दौसा, बांसखोह और बस्सी से खाद लाकर काम चलाना पड़ रहा है। जहां कालाबाजारी करने के बावजूद कृषि विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

ये भी पढ़ें

Rajasthan: बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर, स्मार्ट मीटर सब्सिडी व्यवस्था में बड़ा बदलाव, जानें कैसे मिलेगा फायदा

Also Read
View All

अगली खबर