
दौसा। राजस्थान के दौसा जिले में 16 वर्षीय नाबालिग के प्रसव और नवजात की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। शुरुआती शिकायत में अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों के बाद अब पुलिस की जांच सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दूसरी दिशा में आगे बढ़ रही है। पुलिस के अनुसार, नाबालिग को बाइक पर बैठाकर जिला अस्पताल छोड़ने वाले युवक की पहचान कर उसे डिटेन किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को अपहरण और दुष्कर्म की कहानी पर संदेह हुआ है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता गर्भवती थी। उसे प्रसव वेदना शुरू हुई तो तड़के एक युवक के साथ घर से रवाना हो गई। रास्ते में प्रसव हो गया। इससे दोनों घबरा गए। बाद में परिचित युवक उसे दौसा के जिला अस्पताल में भर्ती करवाकर खुद गायब हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। बालिका बार-बार बयान बदलती रही। बालिका ने पहले बताया कि दो युवकों ने उसका अपहरण किया। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
पीड़िता के बार-बार बयान बदलने से पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले तो नया खुलासा हुआ। इधर डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया, जबकि बालिका जिला अस्पताल में भर्ती है। जांच अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि बालिका का न अपहरण हुआ है न ही उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। जो युवक उसे छोड़कर गया था, उसे डिटेन कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक बालिका को कहां से लेकर आया था और पूरे घटनाक्रम में उसकी क्या भूमिका रही।
इससे पहले सामने आई जानकारी में नाबालिग ने दो युवकों पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस आधार पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा था।
अब सीसीटीवी फुटेज से सामने आए तथ्यों और युवक से पूछताछ के बाद जांच का रुख बदलता दिखाई दे रहा है। हालांकि, पुलिस अभी तक मामले में अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। नवजात की मौत और नाबालिग के साथ जुड़े पूरे घटनाक्रम की पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ रही है।
'बालिका के बयान भी लिए हैं। एक आरोपी डिटेन भी किया है। उससे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।' -कुंदन कांवरिया, एसपी दौसा