Isarda Drinking Water Project: मानसून में होने वाली बारिश का पानी ईसरदा बांध में एकत्र किए जाने के बाद दौसा शहर को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
दौसा। जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन संयुक्त कमेटी की समीक्षा बैठक गुरुवार को आयोजित हुई। बैठक में ईसरदा परियोजना के अधिकारियों ने कहा कि इस मानसून में होने वाली बारिश का पानी ईसरदा बांध में एकत्र किए जाने के बाद दौसा शहर को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिशासी अभियंता जेपी मीना ने नांगल राजावतान, नयाबास, राहुवास व बगड़ी में रोड क्रॉसिंग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से कुछ समस्याएं उत्पन्न होने की बात कही। इस पर जिला कलक्टर ने प्राधिकरण से समाधान कराने का आश्वासन दिया।
जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत निर्मित की गई पेयजल योजनाओं के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की गुणवत्ता पूर्ण मरम्मत करने के निर्देश दिए। जेजेएम के ग्रामों में स्थित स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों के शत-प्रतिशत स्थानों पर नल से जल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलक्टर ने कहा कि ओटीएमपी के जिन ग्रामों में शत-प्रतिशत घरों में नल से जल उपलब्ध कराया जा चुका है, उन ग्रामों के हर घर जल सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए सम्बंधित विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच से समन्वय स्थापित कर हर घर जल प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए निर्देशित किया।
सदस्य सचिव अधीक्षण अभियंता रमेशचन्द मीना ने बताया कि ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना में दौसा जिले के 5 कस्बों और 1079 गांवों को ईसरदा पेयजल परियोजना के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाना लक्षित है। जल जीवन मिशन के तहत पंचायत स्तर पर दो-दो नल जल मित्रों का चयन किया जाएगा।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेन्द्र कुमार मीना ने ठोस कचरा प्रबंधन, राइजिंग श्रेणी में ओडीएफ प्लस घोषित ग्रामों को मॉडल श्रेणी ओडीएफ घोषित किए जाने की प्रगति आदि के बारे में बताया। बैठक में एसीईओ राजेश कुमार मीना, भूजल वैज्ञानिक विवेक कुमार मीना, टीए अंकित कुमार जैन, अधिशासी अभियंता बीएल मीना, प्रेमप्रकाश मीना, सिकराय एक्सईएन ओमप्रकाश बैरवा आदि मौजूद रहे।
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