
Dausa Crime : दौसा के मंडावर रोड स्थित शिव कॉलोनी में रविवार तड़के महिला पिंकी मीणा का शव घर के कमरे में बेड पर पड़ा मिला। खास बात यह है कि करीब तीन माह पहले इसी मकान के इसी कमरे में उसके पति मनोज कुमार मीणा ने अपनी जान दे दी थी। मनोज सिकराय में उप कोषाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। पति की मौत के बाद पिंकी घर में अकेली रह रही थी। उसकी उम्र करीब पैंतीस वर्ष थी।
सुबह घर में कोई हलचल नहीं होने पर किरायेदारों ने पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पुलिस ने दरवाजा खोलकर देखा तो महिला का शव बेड पर मिला। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मनोज मीणा के जान देने से एक दिन पहले मनोज के साथ उसके दफ्तर में कार्य करने वाली सिकराय ट्रेजरी कार्यालय की जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा (25 वर्ष) की एसएमएस अस्पताल जयपुर में इलाज के दौरान मौत हुई थी। कार्यालय में उसकी तबीयत बिगड़ी थी। शीतल मीणा के परिजनों ने मनोज मीणा और स्टाफ पर प्रताड़ना व हत्या का आरोप लगाया था। शीतल की मौत के बाद ग्रामीणों व परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
चार माह पहले सब कुछ सही चल रहा था। लेकिन एक के बाद एक ऐसी घटनाएं हुई जिससे कई परिवारों ने अपनों को खो दिया। सबसे पहले जूनियर अकाउंटेंट शीतल की मौत हुई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। दूसरे दिन शीतल के साथ कार्य करने वाले उप कोषाधिकारी मनोज कुमार मीणा ने घर में अपनी जान दे दी।
बता दें कि सूचना मिलते ही महवा थाना पुलिस को मौके से एक नोट भी मिला था। मनोज मीणा ने अपने पिता के नाम लिखे नोट में भुसावर नायब तहसीलदार अरुण मीणा और सोनू मीणा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। सोनू मीणा शीतल का भाई है और अरुण मीणा रिश्तेदार है। मृतक के पिता ने बताया कि शीतल मीणा के परिजनों ने उनके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। भुसावर नायब तहसीलदार अरुण मीणा गुरुवार को मनोज मीणा से मिलने आया था। इस दौरान धमकाया भी था। जिसके चलते बेटा मनोज मीणा डिप्रेशन में था और उसने देर रात महवा स्थित घर पर अपनी जान दे दी। अब इसी सीरीज में मनोज कुमार मीणा की पत्नी पिंकी मीणा का शव घर पर मिला।