दौसा

‘उपचुनाव में हार मिली, इसलिए सबसे ज्यादा नाम काटे’, दौसा विधायक ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल

मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया पर दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा ने सवाल खड़े किए हैं।
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Dec 19, 2025
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दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा। फोटो: पत्रिका

दौसा। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया पर दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा ने सवाल खड़े किए हैं। पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने आरोप लगाया कि उपचुनाव में केवल दौसा सीट पर बीजेपी हारी थी, ऐसे में सर्वाधिक 20 हजार से अधिक वोट जिले में दौसा विधानसभा क्षेत्र से कम किए हैं। प्रदेश में करीब 70 से 80 प्रतिशत कांग्रेस समर्थकों के नाम काटे गए हैं।

विधायक ने कहा कि इस ड्राफ्ट में एससी-एसटी, अल्पसंख्यक, ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं के सर्वाधिक संख्या में हटाए हैं। तीन साल बाद राजस्थान में चुनाव है। जिस तरह भाजपा ने बिहार जीता है, उसी तरह भाजपा ने प्रशासनिक मशीनरी पर दबाव बनाकर राजस्थान में नाम चिह्नित कर वोट कटवाए हैं। फिर भी भाजपा के मंसूबे पूरे नहीं होंगे और 2028 में कांग्रेस की राजस्थान में सरकार बनेगी।

जिले में 79 हजार 320 मतदाता हुए कम

गौरतलब है कि दौसा जिले में एसआइआर के बाद मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन में 79 हजार 320 मतदाता कम हुए हैं। पूर्व में कुल 12 लाख 50 हजार 802 मतदाताओं के नाम थे, जो अब 11 लाख 71 हजार 482 रह गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा दौसा विधानसभा क्षेत्र में 20 हजार 624 नाम हैं। सबसे कम बांदीकुई में 11719, महुवा में 12734, लालसोट 15503 और सिकराय में 18 हजार 740 नाम मतदाता सूची में कम हुए हैं। हालांकि अभी 15 जनवरी तक मतदाता सूची के प्रारूप पर दावे व आ​पत्ति दर्ज कराई जा सकती है।

Updated on:
19 Dec 2025 02:03 pm
Published on:
19 Dec 2025 02:03 pm