
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) दौसा चौकी के उपाधीक्षक (डीएसपी) के रीडर हरभान सिंह के खिलाफ 10 लाख रुपए रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया है। एसीबी मुख्यालय में मामला दर्ज होने के बाद डीजी गोविंद गुप्ता के निर्देश पर रीडर हरभान सिंह को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया। वहीं, डीएसपी नवल किशोर मीणा को दौसा से हटाकर एसीबी मुख्यालय जयपुर अटैच कर दिया गया।
डीजी गुप्ता ने बताया कि एसीबी को एक लिखित शिकायत मिली, जिसमें बताया गया कि एसीबी में मुकदमा संख्या 261/2025 दर्ज हैं, जिसमें चन्द्र प्रकाश ( थानाधिकारी फुलेरा, जयपुर ग्रामीण) व अन्य आरोपी हैं। उक्त प्रकरण की जांच एसीबी चौकी दौसा के उपाधीक्षक नवल किशोर मीणा कर रहे थे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे उक्त मुकदमे में आरोपी नहीं बनाने की एवज में 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई। शिकायतकर्ता से पहले ही 2 लाख रुपए ले भी लिए थे। पैसों के लिए उसे लगातार परेशान किया जा रहा है।
डीजी गुप्ता के निर्देश पर डीआईजी आनंद शर्मा के सुपरविजन में जांच की गई। आरोपी रीडर के खिलाफ 12 नवम्बर को रिश्वत मांगने का सत्यापन करवाया गया। आरोपी ने रिश्वत की मांग की, लेकिन एसीबी कार्रवाई की भनक लगने पर पहले लिए दो लाख रुपए भी एसीबी के परिवादी को लौटा दिए। अब मामले में मुकदमे की जांच करने से संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।