Pregnant Woman Death: दौसा जिला अस्पताल से रेफर की गई एक प्रसूता की जयपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो जाने के बाद शनिवार को परिजनों ने अस्पताल परिसर के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया।
दौसा। जिला अस्पताल से रेफर की गई एक प्रसूता की जयपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो जाने के बाद शनिवार को परिजनों ने अस्पताल परिसर के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि प्रसूता की हालत गंभीर होने के बावजूद डॉक्टर उसे समय पर रेफर करने के लिए राजी नहीं हुए और जब हालत बेहद बिगड़ गई, तब जाकर खानापूर्ति के लिए रेफर किया गया, जिसके कारण रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।
हंगामे की सूचना पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने समझाइश कर मामला शांत करवाया और शव को दौसा के अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। जानकारी के अनुसार, जयपुर जिले के आंधी थाना क्षेत्र के श्रीरामगोपालपुरा गांव निवासी सावित्री देवी (पत्नी तुलसीराम जागा) को प्रसव (डिलीवरी) के लिए बीते 7 मई की शाम को दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मृतका की ननद मधु देवी ने बताया कि सावित्री की हालत शुरुआत से ही गंभीर बनी हुई थी। उन्होंने डॉक्टरों से कई बार उसे जयपुर रेफर करने की गुहार लगाई, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उनकी एक न सुनी। उल्टा मेडिकल स्टाफ ने यह कहकर टाल दिया कि यदि जयपुर ले जाना है तो अपने स्तर पर ले जाओ, अस्पताल की तरफ से रेफर नहीं किया जाएगा।
मृतका के पति तुलसीराम ने बताया कि शनिवार सुबह जब प्रसूता की हालत बिल्कुल नाजुक हो गई, तब जाकर डॉक्टरों ने उसे जयपुर के लिए रेफर किया। लेकिन दुर्भाग्यवश, एम्बुलेंस अभी बायपास पुलिया तक ही पहुंची थी कि सावित्री ने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतका की 3 और 6 साल की दो मासूम बेटियों के सिर से हमेशा के लिए मां का साया उठ गया है, जिससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
महिला चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. रविंद्र शर्मा ने बताया कि प्रसूता को भर्ती करने के बाद से ही वह लगातार चिकित्सकों की निगरानी में थी। शनिवार सुबह अचानक उसे सांस लेने में गंभीर तकलीफ हुई, जिसके बाद तुरंत उसे जयपुर रेफर किया गया था। मौत के असल कारणों की जांच की जा रही है।
3 दिन से भर्ती महिला की शनिवार सुबह रेफर के दौरान रास्ते में मौत हो गई है। परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवा दिया है और मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है।
-भगवान सहाय शर्मा, थानाधिकारी, कोतवाली दौसा