
दौसा। सगी बहन के दसवीं बोर्ड परीक्षा में पास हो जाने व खुद के फेल हो जाने पर एक बालिका को ऐसा सदमा लगा कि उसने एक बहुत खौफनाक कदम उठा लिया। इस कदम पर आपको यकीन करना मुश्किल हो जाएगा। फेल होने से व्यथित इस मासूम बालिका ने विषाक्त का सेवन कर अपनी जान दे दी। मामला नादौती के खरताला गांव का है। पड़ोसी की सूचना पर परिजन उसे नादौती अस्पताल ले गए, जहां से उसे दौसा अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फेल होने से थी व्यथित
जानकारी के मुताबिक रेखा पुत्री बिजेन्द्र दसवीं बोर्ड परीक्षा में फेल हो गई थी। मंगलवार देर रात वो विषाक्त सेवन कर खेत में पड़ी मिली। आसपास के लोगों ने परिवार जनों को बताया। नादौती अस्पताल से देर रात बालिका को दौसा रैफर किया गया था, लेकिन दौसा में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने दिया था पास करवाने का आश्वासन
मृतका की मां का कहना है, कि वो दसवीं में फेल हो गई थी। परिवार जनों ने उसे ओपन से परीक्षा पास करवाने का भरोसा भी दिया था, लेकिन वो फेल हो गई। जबकि मृतका की दूसरी बहन पास हो गई थी। असी वजह से वो व्यथित थी। अवसाद में उसने अपनी जान दे दी।
बहन का बुरा हाल
जब से रेखा की बहन को ये मालूम चला है कि उसकी बहन की खुदखुशी की वजह क्या है, उसका रो रोकर बुरा हाल है। परिवार में सभी लोग उसकी इस हरकत से सकते में हैं। परिजनों ने उसके फेल होने पर कोई नाराजगी नहीं जताई, बल्कि उसे पास कराने का भरोसा दिलाया था। बावजूद इसके उसने मौत को चुना।
यकीन करना मुश्किल
एक बहन के पास हो जाने और खुद के फेल हो जाने पर आत्महत्या कर लेने का ये मामला वाकई ऐसा है, जिस पर यकीन करना मुश्किल है। बहरहाल बालिका के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसके परिवार वालों का मानना है कि रेखा अपनी बहन के पास होने और खुद के फेल होले से दुखी थी।