
दौसा। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को दौसा में कहा कि सरकारी विभागों में नशा करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को सबसे पहले मुक्त किया जाए। जिला कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर ‘नशा मुक्त दौसा’ बनाने के लिए नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा- सरकारी डिपार्टमेंट में जो लोग शराब पीते हैं, या नशा-पानी करते हैं। सबसे पहले उन्हें मुक्त करो। तभी लोगों पर नशा मुक्त अभियान का फर्क पड़ेगा। नहीं तो नहीं होगा।
पुलिस अधिकारियों से कहा कि नशीले पदार्थों के स्रोतों को चिन्हित कर उन्हें बंद करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। पुलिस मादक पदार्थों के स्रोत तक पहुंचे। नशे के नेटवर्क को सख्ती से तोड़ा जाए।
राज्यपाल ने जिले में टीबी की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि टीबी मुक्त जिले का लक्ष्य रखते हुए टीबी के प्रत्येक मरीज को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा से ही गरीबी दूर हो सकती है। शिक्षा अधिकारियों के साथ जिले में शिक्षा की स्थिति की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, शिक्षकों की उपलब्धता तथा विषयवार शिक्षकों की स्थिति सहित विभिन्न मानकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने और उसे आगे बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। जितने अधिक नागरिक शिक्षित होंगे, उतना ही देश मजबूत होगा।
उन्होंने शिक्षकों से ‘मैं शिक्षक हूं’ की भावना को हमेशा अपने मन में रखते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे, ड्रॉपआउट न हो और किसी भी स्तर पर पढ़ाई बीच में न छूटे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नीट एवं जेईई में चयनित विद्यार्थियों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
बैठक में दौसा कलक्टर डॉ. सौम्या झा, पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, अतिरिक्त जिला कलक्टर दौसा अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर लालसोट मनमोहन मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।