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मेहंदीपुर बालाजी मर्डर केस का खुलासा: शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने ली प्रेमिका की जान, 2 इनामी आरोपी UP से अरेस्ट

राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र में 22 वर्षीय संगीता की हत्या का पुलिस ने सात दिन में खुलासा कर दिया है। शादी का दबाव बनाने से परेशान प्रेमी गजेंद्र (सोनू मीणा) ने अपने दोस्त विवेक के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
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दौसा

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Arvind Rao

Aug 25, 2026

mehandipur balaji murder case solved

मृतका जुबैर उर्फ संगीता (पत्रिका फोटो)

Dausa-Mehandipur Balaji Murder Case: ब्रह्मबाद गांव स्थित मोरा माता मंदिर की पहाड़ी पर मिले अज्ञात युवती के शव के ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने सात दिन में खुलासा कर दिया। शादी का दबाव बनाने से परेशान प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर युवती की हत्या कर शव सुनसान पहाड़ी पर फेंक दिया था।

पुलिस ने 25-25 हजार रुपए के इनामी आरोपी गजेंद्र उर्फ सोनू मीना और विवेक मीना, दोनों निवासी अजीजाबाद, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया है। एएसपी शंकरलाल मीणा ने बताया कि 17 अगस्त को 22 वर्षीय युवती का शव मिला था। उसके चेहरे पर गंभीर चोटें थीं और पहचान संबंधी कोई दस्तावेज या मोबाइल नहीं मिला था।

700 किलोमीटर सफर, 1000 कैमरों की फुटेज खंगाली

थाना प्रभारी सचिन शर्मा के नेतृत्व में टीम ने करीब 700 किलोमीटर का सफर तय किया और लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच के बाद मृतका की पहचान जुबैर उर्फ संगीता (22) निवासी उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

दोस्त के साथ मिलकर रची साजिश

पुलिस के अनुसार, गजेंद्र उर्फ सोनू मीना और जुबैर उर्फ संगीता के बीच करीब एक वर्ष से दोस्ती थी। संगीता आरोपी से शादी करना चाहती थी। गजेंद्र की करीब दो महीने पहले शादी हो चुकी थी, लेकिन युवती उस पर पत्नी को छोड़कर उससे शादी करने का दबाव बना रही थी। इससे परेशान गजेंद्र ने दोस्त विवेक मीना के साथ हत्या की साजिश रची।

घूमने के बहाने पहाड़ी पर ले गए

आरोपी मेहंदीपुर बालाजी घूमने के बहाने युवती को ब्रह्मवाद गांव की पहाड़ी पर ले गए। वहां गजेंद्र ने दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में दोनों ने चेहरे को पत्थरों से कुचल दिया और शव झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए। जांच में यह भी सामने आया कि इससे पहले मृतका जुबैर उर्फ संगीता अपने लिव-इन पार्टनर संजीव राजपूत के साथ रह रही थी।

कई राज्यों में चला सर्च अभियान

मृतका की पहचान के लिए पुलिस ने दौसा, जयपुर, अलवर, करौली, सवाई माधोपुर, डीग, भरतपुर, धौलपुर सहित उत्तर प्रदेश के मथुरा, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी व बदायूं तथा मध्यप्रदेश के ग्वालियर और उज्जैन जिलों के थानों, जीआरपी व कंट्रोल रूम में वायरलेस और ई-मेल से संदेश भेजे। विभिन्न थानों व सार्वजनिक स्थानों पर भी पहचान के प्रयास किए गए।

साइबर सेल की रही अहम भूमिका

लगातार सात दिन की मशक्कत, तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से पुलिस ने न केवल मृतका की पहचान की, बल्कि हत्या की गुत्थी भी सुलझा ली। इस कार्रवाई में साइबर सेल के हेड कांस्टेबल दिनेश राठी की विशेष भूमिका रही।