
मेंहदीपुर बालाजी मर्डर केस में दो आरोपी गिरफ्तार (Photo-Patrika)
मेहंदीपुर बालाजी। ब्रह्मबाद गांव स्थित मोरा माता मंदिर की पहाड़ी पर 17 अगस्त को मिले 22 वर्षीय युवती की मौत के मामले में पुलिस ने सात दिन में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में गजेन्द्र उर्फ सोनू मीना और विवेक मीना को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। दोनों अजीजाबाद, बुलंदशहर के रहने वाले हैं और दोनों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
मामले में यह सामने आया है कि युवती की जिद की वजह से प्रेमी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर मर्डर की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार गजेन्द्र उर्फ सोनू मीना और युवती जुबैर उर्फ संगीता के बीच करीब एक साल से दोस्ती थी। संगीता गजेन्द्र से शादी करना चाहती थी। गजेन्द्र की करीब दो महीने पहले ही शादी हो चुकी थी। इसके बावजूद संगीता उस पर पत्नी को छोड़कर उससे शादी करने का दबाव बना रही थी। पुलिस के मुताबिक इसी बात से परेशान होकर गजेन्द्र ने अपने दोस्त विवेक मीना के साथ मिलकर युवती की हत्या की साजिश रची।
साजिश के तहत गजेन्द्र और विवेक युवती को मेहंदीपुर बालाजी घूमने के बहाने ब्रह्मबाद गांव की पहाड़ी पर ले गए। पुलिस के अनुसार वहां उन्होंने मर्डर की साजिश को अंजाम दिया और शव को झाड़ियों में फेंककर दोनों वहां से फरार हो गए। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि मृतका जुबैर उर्फ संगीता पहले अपने लिव-इन पार्टनर संजीव राजपूत के साथ रह रही थी।
17 अगस्त को जब मोरा माता मंदिर की पहाड़ी पर युवती का शव मिला तो उसके पास पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज या मोबाइल फोन नहीं था। चेहरे पर गंभीर चोटें थीं। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे पहले मृतका की पहचान करना बड़ी चुनौती थी।
थाना प्रभारी सचिन शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मृतका की पहचान और आरोपियों तक पहुंचने के लिए करीब 700 किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने मृतका की पहचान जुबैर उर्फ संगीता, उम्र 22 वर्ष, निवासी उत्तर प्रदेश के रूप में की। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि मृतका की पहचान के लिए पुलिस ने राजस्थान के कई जिलों के थानों, जीआरपी और कंट्रोल रूम में वायरलेस और ई-मेल के जरिए जानकारी भेजी।
पुलिस ने लगातार सात दिन तक तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ीं। इसी जांच में मृतका की पहचान होने के साथ हत्या की गुत्थी भी सुलझ गई। इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल के हेड कांस्टेबल दिनेश राठी की विशेष भूमिका रही। एसपी शंकरलाल मीणा ने मामले की जानकारी दी।
Updated on:
25 Aug 2026 12:08 pm
Published on:
25 Aug 2026 11:55 am
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