उपखंड मुख्यालय पर स्थित तहसील को बने 12 साल हो गए, लेकिन अभी कार्यालय का खुद का भवन नहीं है। तहसील में आने वाले काश्तकारों को भी खड़े रहकर अपना काम करवाना पड़ रहा है।
दौसा/लवाण। उपखंड मुख्यालय पर स्थित तहसील को बने 12 साल हो गए, लेकिन अभी कार्यालय का खुद का भवन नहीं है। साथ ही तहसील कार्यालय के अधीन 17 पटवार मंडल है। जिसमें 70 गांव-ढाणी आती है। मात्र एक पटवार घर का ही भवन बना हुआ है। सोलह पटवार घरों का अभी भवन ही नहीं बना है।
तहसील कार्यालय में अधिकारियों सहित ग्रामीणों को बैठने व पटवारियों को अपना दस्तावेज रखनें में भारी परेशानी हो रही है। तहसील में आने वाले काश्तकारों को भी खड़े रहकर अपना काम करवाना पड़ रहा है। ऐसे में पटवारियों को किराए का एक हाल लेकर उसमें बैठ कर काश्तकारों का काम करना पड़ रहा है।
पटवारी दीपक शर्मा, गिरदावर सुआलाल मीणा, पप्पूलाल मीणा और राहुल शर्मा ने बताया की कार्यालय में संसाधनों का अभाव है। वर्ष 2018 में तहसील कार्यालय को सरकार ने ऑनलाइन कर दिया, लेकिन ऑनलाइन नामांतकरण आदि के लिए एल आरसी शाखा में कंप्यूटर - प्रिंटर आदि नहीं होने से पटवारी को काश्तकारों से प्राप्त विरासत,रहननामा,बेचना आदि दस्तावेजो का कार्य समय पर नहीं होता है।
कस्बे में इन दिनों तहसील कार्यालय एक पुरानी कचहरी में संचालित है। जिसमें पहले राजा-महाराजा सुनवाई करते थे। अपराधी को दंड भी इसी कचहरी में सुनाते थे। बहुत ही कम जगह में तहसील कार्यालय चल रहा है। तहसीलदार ने बताया कि भवन निर्माण के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा रखा है।
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