
मकर संक्रांति पर पुष्कर में लोग सुबह से ही छतों पर पहुंचकर पतंग उड़ाने लगे वह डीजे की धुन पर डांस भी किया।।
Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परम्परा है। इसमें कई लोग प्रतिबंधित मांझे का उपयोग करते हैं। इसके साथ ही पक्षियों व लोगों को भी विशेष प्रकार के मांझे से नुकसान की संभावना रहती है। पक्षियों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन की ओर से सुबह 6 से 8 बजे व शाम 5 से 7 बजे तक पतंग उड़ाना प्रतिबंधित किया है।
साथ ही धातु निर्मित मांझे, पक्के धागे, नायलोन या प्लास्टिक के मांझे, सिंथेटिक व टोक्सीन सामग्री आयरन या ग्लास पाउडर लगे मांझे के उपयोग व बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि शहर में कई जगह पर चोरी-छुपे इस तरह के मांझे की बिक्री की जा रही है। कई लोग अन्य शहरों से भी ऐसा मांझा ला रहे है।
जिला कलक्टर ने जारी किए आदेश
जिला कलक्टर एलएन मंत्री की ओर से मांझे के उपयोग और बिक्री पर प्रतिबंध न्यायालय व राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण नई दिल्ली के आदेश पर लगाई गई है। यह आदेश 20 जनवरी तक लागू रहेंगे। इसका उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड सहिता के तहत दोषी को दंडित किया जाएगा।
चाइनीज मांझे के यह नुकसान
● चाइनीस मांझे में ज्यादातर नाइलॉन, प्लास्टिक या मेटल का उपयोग किया जाता है। यह मांझा बहुत तेज और चिकना होता है। जिससे यह अन्य मांझों को काट सकता है। इसी कारण लोग इसका उपयोग करते हैं। इस मांझे के बिजली की तारों से टकराने पर शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है।
● यह मांझा इसांनों के साथ मवेशियों व पक्षियों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसकी चपेट में आने पर गर्दन, हाथ, पैर या चेहरे पर गहरी चोट लग सकती है। कई बार यह मांझा जानलेवा भी साबित हो चुका है। मांझे में उलझने से पक्षी अधिक घायल होते हैं और मर भी जाते है।
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Published on:
12 Jan 2024 04:25 pm
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