दौसा

किरोड़ी लाल मीणा बोले- ‘जब तक मेरे तन में जान है आरक्षण का कोई बाल बांका नहीं कर सकता’, आदिवासी महोत्सव की धूम

राजस्थान के दौसा जिले में आयोजित आदिवासी महोत्सव के दौरान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि लोग बोलते हैं कि मोदी आरक्षण खत्म कर देंगे। मैं बोलता हूं कि 'जब तक किरोड़ी के शरीर में जान है आरक्षण का कोई बाल बांका नहीं कर सकता।'
3 min read
Aug 09, 2026
Kirodi Lal Meena
कृ​षि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा। फाइल फोटो- पत्रिका

दौसा। नांगल प्यारीवास स्थित पंच अथाई परिसर में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस महोत्सव के दूसरे दिन हजारों लोगों की मौजूदगी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी पहुंचे। उन्होंने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि लोग तरह-तरह की बातें करते हैं कि आरक्षण खत्म होने वाला है या मोदी आरक्षण खत्म कर देंगे। लेकिन जब तक किरोड़ी के तन में जान है, आरक्षण का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने का भी आह्वान किया।

किरोड़ी लाल मीणा टीटोली टोल से समर्थकों के साथ जुलूस के रूप में पंच अथाई पहुंचे। यहां हजारों लोगों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में उनके राजनीतिक जीवन और संघर्ष पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने करीब 600 आंदोलनों में भाग लिया, 17 बार जेल गए और 138 मुकदमों का सामना किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा रथ पर सवार होकर निकले (फोटो-पत्रिका)

मीणा हाईकोर्ट को लेकर सुनाया संघर्ष का किस्सा

किरोड़ी लाल मीणा ने पंच अथाई को मीणा हाईकोर्ट के नाम से पहचाने जाने के पीछे की घटना भी सुनाई। उन्होंने बताया कि एक समय पंचायत से जुड़े मामले में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। करीब 50 हजार लोग दौसा की ओर बढ़े थे। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। कुछ किलोमीटर आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने 14 पंचों को लाकर लोगों को सौंप दिया। उन्होंने कहा कि आज तक उन्हें समझ नहीं आया कि प्रशासन ने आखिर ऐसा फैसला क्यों लिया। उन्होंने कहा कि जनता की ताकत सबसे बड़ी होती है और इसी संघर्ष के कारण यह स्थान मीणा हाईकोर्ट के नाम से जाना जाने लगा।

आदिवासी समारोह में खचाखच भरा पंडाल (फोटो-पत्रिका)

मीणा-गुर्जर भाईचारे पर भी दिया जोर

किरोड़ी ने मीणा और गुर्जर समाज को किसान समाज बताते हुए दोनों के बीच भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों समाजों को आपस में लड़ने के बजाय मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने पांचना के पानी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने पानी खुलवाने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि चंबल का पानी दौसा तक पहुंचाने की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है।

आदिवासी समारोह में करतब दिखाते बच्चे (फोटो-पत्रिका)

'मैं डॉक्टर हूं, पेट चीरकर बकरा निकाल लूंगा'

किरोड़ी ने अपने राजनीतिक संघर्ष का एक पुराना किस्सा सुनाते हुए बताया कि जब वह नए-नए विधायक बने थे, तब एक व्यक्ति अपनी बकरी और बकरा चोरी होने की शिकायत लेकर उनके पास आया। मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद हुआ। उन्होंने कहा कि अगर थानेदार ने बकरा काटकर खा लिया है तो वह डॉक्टर हैं और पेट चीरकर बकरा निकाल लेंगे। इसके बाद विवाद बढ़ा और उन पर गोलियां चलीं। उन्होंने बताया कि एक गोली उनके कान के पास से निकल गई थी। उन्होंने बताया कि वह 1985 में ही मर जाते, लेकिन भगवान की कृपा से बच गए।

आदिवासी समारोह में शामिल लोग (फोटो-पत्रिका)

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

महोत्सव में पीएमश्री विद्यालय की बालिकाओं ने देशभक्ति गीत, राजकीय महाविद्यालय की छात्राओं ने मीणा संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। रेणुका पंवार, रोनी रमन, गौरी नागौरी, अलीत रावज और काजल समेत कई कलाकारों ने प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। मध्य प्रदेश से आए आदिवासी बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति और किरण मीणा एंड टीम के करतब भी आकर्षण का केंद्र रहे।

Updated on:
09 Aug 2026 09:00 pm
Published on:
09 Aug 2026 08:24 pm