दौसा

Rajasthan: अधिकारियों को पेड़ से बांधने की धमकी देने वाले लालसोट विधायक की नई धमकी, ‘अगर एक रुपए काटा तो मैं उसे काट दूंगा’

हाल ही में बिजली विभाग के अधिकारियों को पेड़ से बांधने की धमकी देकर सुर्खियों में आए लालसोट से भाजपा विधायक रामबिलास मीणा का नया वीडियो सामने आया है। इस बार उन्होंने मनरेगा जेईएन को काटने की धमकी दी है।
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Dec 25, 2025
MLA Rambilas Meena
महिलाओं की शिकायत पर जेईएन के लिए चेतावनी देते विधायक रामबिलास मीणा (फोटो-पत्रिका

दौसा। प्रदेश में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर निकाली जा रही सुशासन यात्रा के दौरान ढोलावास गांव में मनरेगा मजदूरी को लेकर उठा मामला चर्चा में आ गया है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा कम मजदूरी मिलने की शिकायत पर विधायक रामबिलास मीणा का सख्त बयान सामने आया है, जिसका वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

घटना चार दिन पूर्व की बताई जा रही है। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने विधायक से शिकायत की थी कि मनरेगा में उन्हें पूरी मजदूरी नहीं मिल रही है। इस पर विधायक ने मौके पर मौजूद सरपंच प्रतिनिधि से मजदूरी की जानकारी ली। प्रतिनिधि ने बताया कि मजदूरों को 150 रुपए मिल रहे हैं, जबकि निर्धारित मजदूरी 250 रुपए है और जेईएन कटौती कर देता है। इस पर विधायक ने तीखे शब्दों में कहा कि जेईएन से कह देना, अगर एक रुपए भी काटा तो मैं उसे काट दूंगा। हालांकि मौके पर मनरेगा जेईएन उपस्थित नहीं था, जबकि पंचायत समिति के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

विधायक ने कहा- जनता की परेशानी मेरी परेशानी

बाद में विधायक रामबिलास मीणा ने कहा कि कानून की पालना सभी को करनी चाहिए, लेकिन सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि आमजन को परेशान नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की परेशानी को वे अपनी परेशानी मानते हैं और यदि कोई अधिकारी आमजन को अनावश्यक रूप से परेशान करेगा तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बिजली विभाग के अधिकारियों के लिए क्या बोले थे विधायक?

दरअसल, हाल ही में विधायक रामबिलास मीणा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह कह रहे थे कि 'बिजली विभाग वाले VCR भरने आएं तो उनकी गाड़ी की हवा निकाल दो और उन्हें पेड़ बांध दो, आगे मैं देख लूंगा'। अब विधायक का नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

विकास अधिकारी ने क्या कहा?

रामगढ़ पचवारा पंचायत समिति के विकास अधिकारी योगेश मीणा ने बताया कि मनरेगा में मजदूर जितना कार्य करते हैं, उतनी ही मजदूरी का भुगतान किया जाता है। मापदंड के अनुसार काम दिया जाता है और यदि कार्य पूरा नहीं होता है तो उसी अनुपात में भुगतान किया जाता है। यह राज्य सरकार की गाइडलाइन है, जिसका पालन किया जा रहा है।

Updated on:
25 Dec 2025 09:26 pm
Published on:
25 Dec 2025 09:25 pm