दौसा

Dausa News: पेट्रोल पंप पर टेंपो में कैसे लगी आग? सीएनजी टैंक फट जाता तो.. नीचे भी था हजारों लीटर पेट्रोलियम

दौसा के लालसोट में पेट्रोल पंप पर सीएनजी भरवाने पहुंचे टेंपो में अचानक आग लग गई। चौंकाने वाली बात यह थी कि जलते टेंपो से महज 10 फीट दूर सीएनजी प्लांट और जमीन के नीचे पेट्रोल-डीजल से भरे टैंक थे। टेंपो में आग भड़कते ही पंप पर भगदड़ जैसे हालात बन गए।
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Updated: 4 Nov 2026, 8:17 PM IST
Dausa Fire
Dausa Fire: आग पर काबू पाने का प्रयास करता फायरमैन। (फोटो-पत्रिका)

दौसा। पेट्रोल पंप पर सीएनजी भरवाने पहुंचे एक टेंपो में अचानक आग लगने से बुधवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हालात इतने खतरनाक थे कि टेंपो से महज 10 फीट की दूरी पर सीएनजी प्लांट था, जबकि पेट्रोल पंप के नीचे बने भूमिगत टैंकों में हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल का भंडार मौजूद था। आग फैलती या सीएनजी टैंक इसकी चपेट में आता तो आसपास के इलाके में भारी तबाही मच सकती थी। ऐसे नाजुक हालात में पंपकर्मियों, स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने साहस दिखाते हुए जलते टेंपो को धक्का देकर पेट्रोल पंप परिसर से बाहर निकाला। इस दौरान एक पुलिसकर्मी का हाथ भी झुलस गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

घटना गंगापुर सिटी रोड स्थित पेट्रोल पंप की है। पुलिस के अनुसार बुधवार सुबह करीब 8 बजे टेंपो चालक हनीफ खान सीएनजी भरवाने पहुंचा था। गैस भरने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही टेंपो के केबिन से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते वाहन आग की लपटों से घिर गया। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

हेड कांस्टेबल शेलेन्द्र और फायरमैन गौरव पारीक (फोटो-पत्रिका) 

सीएनजी प्लांट और पेट्रोलियम टैंकों के बीच फंसी जिंदगी

टेंपो में आग लगते ही पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल से महज 10 फीट दूर सीएनजी प्लांट था। वहीं जमीन के नीचे बने टैंकों में पेट्रोल और डीजल का बड़ा भंडार था। आसपास दूसरे वाहन भी खड़े थे। ऐसे में आग फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा था। स्थिति की गंभीरता समझते हुए पंपकर्मियों और लोगों ने जलते टेंपो को धक्का देकर परिसर से बाहर निकाला। पुलिस ने भीड़ को हटाया और कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात रुकवा दिया।

आग बुझने के बाद टेंपो की हालत। (फोटो-पत्रिका) 

हाथ झुलसा, फिर भी आग बुझाने में जुटे रहे हेड कांस्टेबल

सूचना पर हेड कांस्टेबल शैलेंद्र शर्मा चालक रणवीर सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान शैलेंद्र शर्मा का दाहिना हाथ झुलस गया, लेकिन उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा। शैलेंद्र ने बताया कि पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने सीएनजी टैंक फटने की आशंका जताकर उन्हें टेंपो के पास जाने से रोका था, लेकिन उन्होंने आग को फैलने से रोकने का प्रयास जारी रखा।

ड्यूटी खत्म होने के बाद भी पहुंचे फायरमैन गौरव

फायरमैन गौरव पारीक की नाइट शिफ्ट सुबह 7 बजे समाप्त हो चुकी थी। वे अपने पिता की दुकान पर थे, तभी दमकल अधिकारी खेमराज बैरवा का फोन आया। सूचना मिलते ही गौरव मौके पर पहुंचे और दमकल वाहन आने से पहले उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने में जुट गए। बाद में थानाधिकारी हरलाल मीणा सहित पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पूरी तरह बुझाई गई। पुलिस अधिकारियों ने साहसिक कार्य के लिए पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। समय रहते दिखाई गई सूझबूझ से पेट्रोल पंप और आसपास के क्षेत्र को बड़े हादसे से बचा लिया गया।

Updated on:
4 Nov 2026, 8:17 PM IST
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