
मेहंदीपुर बालाजी. विश्वप्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी धाम को हवाई सेवा से जोड़कर धार्मिक पर्यटन को नई उड़ान देने की योजना थम गई है। हवाई सेवा शुरू होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने और स्थानीय कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआत के उत्साह के बाद अब हेलीपैड पर सन्नाटा पसरा है। मेहंदीपुर बालाजी में हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत 8 दिसम्बर 2025 को हुई थी। पहली उड़ान सुबह करीब 11 बजे मीन भगवान मंदिर के समीप बनाए गए हेलीपैड पर पहुंची थी। पहली उड़ान में पांच श्रद्धालु पहुंचे थे। हेलीकॉप्टर के पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया था। योजना को दौसा जिले में धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को हवाई मार्ग से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया था। मेहंदीपुर बालाजी के साथ आभानेरी की चांद बावड़ी, झाझीरामपुरा और पपलाज माता मंदिर जैसे पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों को भी हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की बात सामने आई थी। पिनान से बालाजी धाम तक हेलीकॉप्टर से पहुंचने में करीब 15 मिनट, जबकि दिल्ली और जयपुर से करीब 25 से 26 मिनट का समय बताया गया था।
"राजस्थान में अप्रेल से सितंबर तक अत्यधिक गर्मी रहती है। तापमान अधिक होने के दौरान हेलीकॉप्टर संचालन में सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। मौसम अनुकूल होने के बाद दिल्ली, जयपुर और पिनान से मेहंदीपुर बालाजी के लिए सेवा दोबारा शुरू करने की तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालु कंपनी की वेबसाइट पर ऑनलाइन हेलीकॉप्टर राइड का टिकट बुक कर सकते हैं।"- मनीष कुमार, कम्पनी प्रतिनिधि
"बालाजी धाम में हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से उम्मीद जगी थी कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा स्थानीय बाजार को मिलता। सेवा नियमित चलती तो होटल, दुकान और अन्य व्यवसायों को निश्चित रूप से लाभ होता।" - राकेश सेठी, दुकानदार, मेहंदीपुर
"पिनान से महज कुछ मिनट में बालाजी पहुंचने की सुविधा श्रद्धालुओं के लिए नई और आकर्षक थी। शुरुआत में लोगों में काफी उत्साह भी देखा गया। सेवा फिर शुरू होनी चाहिए।" - राजीव मित्तल, धर्मशाला मैनेजर, मेहंदीपुर
दौसा. दिल्ली से खाटूश्यामजी और सालासर के लिए अगस्त 2025 को हवाई सेवा शुरू की थी। खाटूश्यामजी से 9 किमी दूर जालुण्ड हेलीपैड पर दो हेलीकॉप्टर उतरे थे और कुमार विश्वास सहित कुल 12 लोगों ने दर्शन किए थे। यह सेवा भी नियमित नहीं हो सकी।
मेहंदीपुर बालाजी को राज्य की 'पंच गौरव' योजना में शामिल किए जाने के बाद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा को अहम पहल माना गया था। उम्मीद थी कि होटल, धर्मशाला, दुकान, परिवहन और अन्य स्थानीय कारोबार को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। हवाई सेवा शुरू होने के समय जिस हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के पहुंचने से उत्साह का माहौल बना था, वहां अब लंबे समय से नियमित उड़ान नजर नहीं आती।