पॉक्सो कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए दोषी को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने खुद से 40 साल छोटी नाबालिग लड़की के साथ कई बार दुष्कर्म किया था।
दौसा। पॉक्सो कोर्ट की न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने बालिका से बलात्कार के एक मामले बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। दोषी को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 1 लाख 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया। रेप पीड़िता और दोषी के बीच करीब चालीस साल का अंतर है।
प्रकरण के अनुसार करौली जिले की एक बालिका ने जुलाई 2023 को करौली एसपी को उसके साथ बलात्कार करने की रिपोर्ट दी। इसके बाद जीरो एफआईआर दर्ज कर दौसा जिले के सलेमपुर में भेजी गई। रिपोर्ट में बताया कि रेखसिंह गुर्जर निवासी थाना सलेमपुर जिला दौसा ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया और कई बार मारपीट की। बलात्कार से वह गर्भवती भी हो गई थी।
जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। विशिष्ठ लोक अभियोजक जितेन्द्र कुमार सैनी ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह और 33 दस्तावेज पेश किए गए।
न्यायाधीश ने साक्ष्यों व दस्तावेजों के आधार पर रेखसिंह गुर्जर को दोषी माना और सजा सुनाई। आरोपी व पीड़िता के बीच करीब चालीस साल का अंतर होने के कारण कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया। वर्तमान में आरोपी की उम्र करीब साठ साल है। बलात्कार के समय बालिका नाबालिग थी। आरोपी की उम्र उस समय साठ से कम थी।