मंच पर संबोधन के दौरान जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्षेत्र के लिए घोषणाओं का पिटारा खोला, तो स्थानीय विधायक भागचंद टांकड़ा इतने भावुक हो गए कि उन्होंने भरी सभा में मुख्यमंत्री को साष्टांग प्रणाम कर डाला।
राजस्थान की राजनीति में शनिवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। बांदीकुई में आयोजित महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती और करोड़ों के विकास कार्यों के शिलान्यास समारोह के दौरान भक्ति और राजनीति का अनूठा संगम दिखा। मंच पर संबोधन के दौरान जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्षेत्र के लिए घोषणाओं का पिटारा खोला, तो स्थानीय विधायक भागचंद टांकड़ा इतने भावुक हो गए कि उन्होंने भरी सभा में मुख्यमंत्री को साष्टांग प्रणाम कर डाला।
जैसे ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बांदीकुई के लिए एक के बाद एक कई बड़ी घोषणाएं कीं, विधायक भागचंद टांकड़ा अपनी सीट से उठे और सीधे मुख्यमंत्री के चरणों में लेटकर साष्टांग दंडवत प्रणाम किया। विधायक का यह अंदाज देखकर मंच पर मौजूद अन्य कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता एक पल के लिए हक्के-बक्के रह गए। राजनीति के गलियारों में इस वाकये को मुख्यमंत्री के प्रति विधायक की 'परम श्रद्धा' के रूप में देखा जा रहा है।
विधायक टांकड़ा यहीं नहीं रुके। अपने संबोधन में उन्होंने मुख्यमंत्री की तुलना भगवान से कर डाली। उन्होंने भावुक होकर कहा, "मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मेरे लिए साक्षात भगवान हैं।" उन्होंने तर्क दिया कि जिन मांगों के लिए क्षेत्र की जनता सालों से तरस रही थी, मुख्यमंत्री ने उन्हें एक झटके में पूरा कर दिया।
विधायक भागचंद टांकड़ा ने मंच से मुख्यमंत्री के सामने बांदीकुई के विकास का लंबा रोडमैप रखा था। उनकी प्रमुख मांगें जिन्हें सीएम ने स्वीकार किया, उनमें शामिल हैं:
अपने भाषण के दौरान विधायक टांकड़ा ने क्षेत्र की पुरानी पानी की समस्या पर पूर्ववर्ती नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने एक रोचक किस्सा साझा करते हुए कहा, "यहाँ पानी का वादा कर लोग चुनाव जीतते रहे। एक नेता की पत्नी ने तो यहाँ तक कह दिया था कि पानी नहीं आया तो वे तलाक दे देंगी। लेकिन हकीकत देखिए, ना पानी आया और ना ही तलाक हुआ।" उन्होंने दावा किया कि पहले जहाँ पंद्रह दिन में पानी नसीब होता था, भजनलाल सरकार के प्रयासों से अब तीन दिन में आपूर्ति होने लगी है।
विधायक ने अपने संबोधन में अपनी ईमानदारी का जिक्र करते हुए एक और रोचक बात कही। उन्होंने कहा, "मेरा रंग जरूर काला है, लेकिन मेरा मन काला नहीं, बल्कि बिल्कुल साफ और गोरा है।" उनके इस बयान पर पंडाल में मौजूद जनता ने जमकर तालियां बजाईं।