दौसा

पंचायत चुनावों से पहले राजस्थान में आरक्षण की मांग, इन समाजों ने मांगा 12% रिजर्वेशन, सरकार को दी आर-पार की चेतावनी

अलग से 12 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर आरक्षण संघर्ष समिति की जन अधिकार यात्रा जोर पकड़ती जा रही है। भरतपुर से जयपुर तक निकली इस यात्रा के बीच समाज ने 25 फरवरी को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।
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Feb 21, 2026
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एआई तस्वीर

सिकराय। पंचायत चुनावों से पहले प्रदेश में 12 फीसदी अलग आरक्षण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। आरक्षण संघर्ष समिति राजस्थान के आह्वान पर माली, सैनी, कुशवाह, शाक्य, मौर्य व सुमन समाज के सैकड़ों लोग 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भरतपुर जिले के गांव मूड़िया गंधार से जयपुर तक जन अधिकार यात्रा पर निकले हैं। समाज ने 25 फरवरी को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।

शनिवार शाम यात्रा के मानपुर पहुंचने पर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। रात्रि विश्राम मानपुर में किया गया, जबकि रविवार सुबह यात्रा अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी। प्रदेशाध्यक्ष चंद्रप्रकाश (सीपी) सैनी के नेतृत्व में निकली यात्रा में शामिल लोगों ने सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

सीपी सैनी ने कहा कि अलग से 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग सरकार तक कई बार पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समाज की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जयपुर कूच पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से किया जा रहा है, लेकिन यदि प्रशासन ने रोका तो समाज बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटेगा।

समाज के नेताओं ने वर्ष 2023 के आंदोलन को भी याद किया, जब तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार के समय हलैना के पास बेरी गांव में जयपुर-भरतपुर हाईवे सात दिन तक बंद रहा था। उस दौरान सरकार ने फुले व लवकुश बोर्ड गठन, 11 अप्रेल को महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर अवकाश, विश्वविद्यालयों में फुले पीठ स्थापना और फल-सब्जी विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन जैसी घोषणाएं की थीं।

यह मांग प्रमुख

समिति की प्रमुख मांगों में अलग से 12 फीसदी आरक्षण, महात्मा फुले व लवकुश बोर्ड को वित्तीय अधिकार, संत लिखमीदास जन्मस्थली को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा, सैनी रेजीमेंट गठन, महात्मा ज्योतिबा फुले को भारत रत्न, आंदोलन से जुड़े मुकदमे वापस लेना, एससी-एसटी की तर्ज पर विशेष कानून, फुले दंपती संग्रहालय निर्माण, बागवानी बोर्ड गठन, महात्मा फुले फाउंडेशन की स्थापना और फल-सब्जी मंडियों में समाज को प्राथमिकता से दुकान आवंटन शामिल हैं।

आगे का कार्यक्रम

भरतपुर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामेश्वर सैनी ने बताया कि यात्रा 22 फरवरी को दौसा, 23 को बस्सी और 24 को जयपुर विश्राम घाट पहुंचेगी। 25 फरवरी को विधानसभा घेराव किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर पुलिस की कड़ी व्यवस्था की गई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

Updated on:
21 Feb 2026 06:15 pm
Published on:
21 Feb 2026 06:15 pm