Sanwaliya Ji Fair 2024: श्याम बाबा की कोलकाता के फूलों से आकर्षक झांकी सजाई गई। दर्शनों के लिए मंदिर प्रांगण में लोगों की भीड़ लगी रही।
Dausa News: दौसा जिले के बसवा कस्बे के पास करनावर गांव में अरावली पहाड़ियों के नीचे बने प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सांवलिया धाम के 50वें विष्णु महायज्ञ के समापन पर लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्याम बाबा के भंडारे में 125 मन दूध की खीर व 100 मन आटे के पुए बनाए गए। रविवार दोपहर सात दिन से चल रही श्रीमद् भागवत कथा व विष्णु महायज्ञ में लोगों ने सामूहिक पूर्णाहुति दी। उसके बाद में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं श्याम बाबा के दरबार में पूजा-अर्चना मनोकामना की। इसके बाद लोगों ने पंगत में बैठकर प्रसादी पाई।
भंडारे में प्रसाद तैयार करने के लिए शनिवार शाम से ही करीब 45 हलवाइयों की टीम ने कार्य करना शुरू कर दिया। हलवाई रविवार शाम तक प्रसाद तैयार करते रहे । प्रसाद में खीर बनाने के लिए रविवार सुबह आसपास के दर्जनों गांव से दूध एकत्रित करके 110 मन दूध की खीर बनाई गई। बड़ा बर्तन नहीं होने के कारण तैयार खीर को ट्रैक्टर की ट्रॉली में भरी गई। इसी प्रकार पुए भी तैयार करके भी ट्रैक्टर की ट्रॉली में ही रखे गए। करनावर गांव के आसपास बांदीकुई, राजगढ़, बसवा, फुलेला, दौसा, अलवर अन्य दर्जनों गांव के लोगों ने बाबा के दरबार में मत्था टेका और भंडारे में प्रसादी पाई।
मेला स्थल पर लगी अस्थाई दुकानों जमकर खरीदारी की। भीड़ अधिक होने के कारण पुलिस को व्यवस्था संभालने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार देर शाम तक श्रद्धालुओं का मेले में पहुंचना जारी रहा। श्याम बाबा की कोलकाता के फूलों से आकर्षक झांकी सजाई गई। दर्शनों के लिए मंदिर प्रांगण में लोगों की भीड़ लगी रही। जिला कलक्टर देवेंद्र कुमार, पुलिस वृताधिकारी रोहिताश देवांद, सहायक अभियंता डीपी बढ़ाया, थाना प्रभारी सचिन शर्मा आदि ने भी श्याम बाबा दर्शन किए।
मंदिर प्रांगण में शनिवार रात को श्याम बाबा का जागरण हुआ। इसमें स्थानीय कलाकारों ने गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। अलीगढ़ की कलाकार आरती चौधरी ने श्याम का दरबार निराला भजन सुना कर लोगों को नाचने पर मजबूर कर दिय । कलाकार मीनू जायसवाल, अशोक गहलोत, सोनू राजस्थानी ने भी एक से बढ़कर एक श्याम बाबा के भजन सुना कर लोगों को रात भर बैठने के लिए मजबूर कर दिया। भीड़ के चलते पांडाल छोटा पड़ गया।