
मानपुर. सिकराय पंचायत समिति की 27 ग्राम पंचायतों में इस बार पंचायत चुनावों में कई गांवों का इतिहास बदल गया है। बहुत से गांवों में पंचायती राजनीति के दिग्गजों को जहां शिकस्त मिली, वहीं युवाओं के हाथों में गांव की कमान आई है।
शिक्षा की शर्त ने युवाओं को इस काबिल बनाया है, कि वो अपनी नई सोच के साथ गांवों की तस्वीर बदल सके। ऐसा ही मौका उपखंड मुख्यालय से करीब 2 किलोमीटर दूरी पर बसे गांव कुण्डेरा डुंगर में एक युवा को मिला है। आसपास के गांवों में सबसे बड़े इस गांव के ग्रामीणों ने इस बार गांव की बागडोर युवा सरपंच जियालाल सैनी उम्र 30 वर्ष को सौंप दी है।
इसी प्रकार मानपुर ग्राम पंचायत में युवा सरपंच नेतराम मीना (30) सबसे अधिक 1534 मतों से विजयी हुए हैं। ग्रामीणों के विश्वास पर खरा उतरने की डगर आसान नहीं है। युवा सरपंचों को राजनीति के दांव-पेचों के साथ विकास के नए आयाम खोलने होंगे।
ये हैं गांव की मुख्य समस्याएं
पंचायत समिति की 27 ग्राम पंचायतों में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सड़क, नाली, रोड लाइट सहित अन्य मुख्य समस्याएं बनी हुई है। गांव व ढणियों में आने- जाने वाले रोड खराब है। जगह-जगह से रोड टूटा होने के कारण राहगीरों को काफी परेशानी होती है। ईंटों से बनी सड़क अब टूटने लगी है। अधिकतर रास्ते कच्चे हैं। गर्मियों के दिनों में ग्रामीणों को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ता है। कई मोहल्लों में पाइप लाइन नहीं पहुंची है तो कहीं लीकेज की समस्या है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोड लाइट नहीं होने से अधिकतर कस्बों, गांव व ढाणियों में रात के समय अंधेरा छाया रहता है। गांव कस्बों में भी आम रास्तों में अतिक्रमण भी एक मुख्य समस्या बनी हुई है।
उपसरपंच चुनाव में मशक्कत
गीजगढ़. पंचायत समिति सिकराय की 27 ग्राम पंचायतों में रविवार को उपसरपंच के चुनाव हुए। बहरावण्डा उपसरपंच चुनाव में अधिकारियो को काफी देर तक मशक्कत करनी पड़ी। कुल में 21 वार्ड पंचों में से 14 ने उपसरपंच पद के लिए आवेदन किया। करीब तीन चार घंटे की समझाइश के बाद आपसी सहमति से पायलेट सैनी को उपसरपंच निर्विरोध निर्वाचित किया गया।