राजस्थान के दौसा और अन्य जिलों में सिलिकोसिस बीमारी को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकार को सचेत किया है। इसके साथ ही उन्होंने पैसे लेकर प्रमाण पत्र बांटने पर सवाल उठाए।
दौसा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि दौसा व आस-पास के जिलों में सिलिकोसिस बीमारी तेजी से फैल रही है। जवान मौतें हो रही हैं। इस बीमारी को लेकर मानवीय दृष्टटीकोण रखते हुए गंभीरता बरतें। गुरुवार शाम रामकरण जोशी राजकीय जिला अस्पताल के टीबी व चेस्ट विभाग में मरीजों से हाल जानने के बाद पत्रकारों से उन्होंने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि सिलिकोसिस से जवान मौतें हो रही हैं। यह बहुत खतरनाक बीमारी है। यह होने के बाद मौत तय है। कैंसर से मौत में समय लगता है, लेकिन यह बीमारी उससे भी गंभीर है। भारत सरकार हो या राजस्थान सरकार, उसे इस बीमारी को उच्च प्राथमिकता में लेना चाहिए। जहां सिलिकोसिस बीमारी हो रही है, वहां कारखानों पर निगरानी होनी चाहिए। जो गलत तरीके से कार्य कर रहे हैं वहां टीम नियमित मॉनिटरिंग करे। ठेकेदारों को पाबंद किया जाए।
दौसा में सिलिकोसिस बीमारी के प्रमाणत्र बनाने के बदले पैसे लेने पर भी गहलोत ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा , जिन डॉक्टरों व अन्य ने गलत तरीके से प्रमाण पत्र बनाए उनको निलिम्बित किया जाना चाहिए था। एपीओ व तबादलों से क्या होगा? उन्होंने कहा कि गलत काम करने वालों को बचाना नहीं चाहिए।
गहलोत ने कहा कि केन्द्र की जो टीम सिलिकोसिस को लेकर दौसा में आएगी वह केवल औपचारिकता नहीं करे। गंभीरता से कार्य करे। हम सिलिकोसिस को बड़ा मुद्दा बनवाएंगे। सरकार पर दबाव बनवाएंगे। इस दौरान सांसद मुरारी लाल मीणा भी गहलोत के साथ रहे। इससे पहले गहलोत ने दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा की भतीजी के शादी समारोह में शिरकत की।
गहलोत ने ट्रम्प के मुद्दे पर कहा कि कांग्रेस ने मीटिंग बुलाई है। प्रदेशाध्यक्षों व विपक्ष के नेताओं की मीटिंग होगी। रसिया हमारा मित्र है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उस पर विश्वास करें। ट्रम्प देश की बेइज्जती कर रहे हैं। यह गलत है। इस मामले में पूरा देश एक है। ट्रम्प को जवाब दिया जाना चाहिए।