दौसा

दौसा में दो दरिंदों को फांसी की सजा

Feb 20, 2026
dausa news
दोनों को सुनाई फांसी की सजा।

राजस्थान के दौसा जिले में बलात्कार के बाद महिला की हत्या करने वाले दो दरिंदों को लालसोट एडीजे रितु चौधरी ने शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई।राजस्थान के लालसोट क्षेत्र में करीब चार साल पूर्व एक विवाहिता के अपहरण के बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या के बहुचर्चित प्रकरण में कालूराम मीना व संजू मीना निवासी गांव सिसोदिया को फांसी की सजा सुनाई।दोनों ने एक महिला को लिफ्ट देने के बहाने अपनी कार में बिठा लिया। रास्ते में नदी क्षेत्र मेें उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला ने जब विरोध किया और कहा कि वह यह बात अपने परिजनों को बताएगी तो मफलर से गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। महिला का शव नई नाथ के जंगलों में एक कुएं में डाल दिया।

एसआईटी का गठन

प्रकरण की गंभीरता एवं अतिसंवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर डीजीपी क्राईम ने तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस आयुक्त जयपुर प्रथम अजयपाल लाम्बा के सुपरवीजन एवं तत्कालीन अति. पुलिस आयुक्त अपराध एवं सतर्कता करन शर्मा की अध्यक्षता में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए मामले का अनुसंधान किया गया। स्थानीय अपर लोक अभियोजक अशोक हट्टिका ने बताया कि मामले में अभियोजन की ओर से 45 गवाह के बयान कराए गए एवं 145 दस्तावेज पेश किए गए, सभी गवाहों ने मृतका के पक्ष मेें ही बयान दिए।

गहने भी लूटे

विशिष्ठ लोक अभियोजक ने बताया कि दोनों आरोपियों ने 5400 रुपए नकद, चांदी की चेन, कानों के सोने के टोप्स भी लूट लिए थे। जो बाद में बरामद किए गए। दोनो आरोपियों को न्यायालय में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। इस दौरान दोनों आरोपी सिर झुकाए न्यायालय में पहुंचे और सिर झुकाएं ही खड़े रहे।

यूं चला घटनाक्रम

-23 अप्रेल 2022 को विवाहिता से बलात्कार व हत्या

-24 अप्रेल 2022 को गुमशुदगी दर्ज

-25 अप्रेल 2022 को एक आरोपी कालूराम मीना गिरफ्तार

25 अपे्रेल 2022 रात को मृतका का शव कुएं से बरामद

26 अप्रेल 2022 को संजू मीना गिरफ्तार

4 मई 2022 को एसआईटी का गठन

जुलाई 2022 में न्यायालय में हुई चार्ज शीट पेश

19 फरवरी 2026 को दोनों दोषी करार।

20 फरवरी 2026 दोनों को फांसी की सजा।

Updated on:
20 Feb 2026 01:07 pm
Published on:
20 Feb 2026 01:07 pm