दौसा

एशिया के सबसे बड़े कच्चा बांध पर चली दो फीट चादर, समेल गांव तक पहुंचा मोरेल नदी का पानी

Morel Dam: जयपुर जिले एवं कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही जोरदार बारिश के चलते एशिया के सबसे बड़े कच्चे डेम मोरेल बांध में पानी की आवक और अधिक बढ़ी है।
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Jul 31, 2025
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मोरेल बांध पर चलती पानी की चादर। फोटो: पत्रिका

दौसा। जयपुर जिले एवं कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही जोरदार बारिश के चलते दौसा व सवाईमाधोपुर जिले के हजारों किसानों की लाइफ लाइन माने जाने वाले एशिया के सबसे बड़े कच्चे डेम मोरेल बांध में पानी की आवक और अधिक बढ़ी है। मोरेल बांध पर चल रही चादर का जलस्तर दो फीट तक पहुंच गया है।

जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता चेतराम मीना ने बताया कि मोरेल नांध पर मंगलवार दिन में 29 व रात्रि को 48 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा बांध के पास मौजूद दतवास, मित्रपुरा समेत कई गांवों के साथ जयपुर समेत पूरे केचमेंट एरिया में जोरदार बारिश का क्रम जारी है। मोरेल नदी में भी पानी की आवक लगातार बढ रही है, जिससे जल स्तर बढ़कर दो मीटर तक पहुंच गया है।

बांध पर आवाजाही पूर्णत: प्रतिबंधित

बांध पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वहां आवाजाही पूर्णत: प्रतिबंधित कर दी गई है। बांध की दीवार पर तारबंदी (फेंसिंग) करवाई जा रही है और आने-जाने वाले रास्तों में गड्ढे खुदवा दिए हैं। पुलिस के दो जवान बांध स्थल पर लगातार तैनात किए गए हैं।

मोरेल नदी का पानी समेल गांव तक पहुंचा

दूसरी ओर बुधवार को जयपुर शहर व आसपास के इलाकों में हुई जोरदार बारिश के बाद मोरेल नदी का पानी समेल गांव तक पहुंच गया है। ग्रामीणों के अनुसार नदी का पानी गांव में पहुंचने से जलभराव के हालात बन गए है, नेशनल हाइवे को गांव से जोडऩे वाले रोड पर भी करीब दो फीट तक पानी भर गया है, जिससे छोटे वाहनों का आवागमन बाधित हो गया है।

इसी तरह ग्राम पंचायत लालपुरा के अगलारामा ढाणी की तरफ जाने वाला रास्ते की पुलिया पर करीब डेढ पानी बहा। श्रीरामपुरा गांव के राउमावि के पूरे परिसर मेें जल भराव हो गया, जिससे बालक पानी से गुजरकर कक्षाओं में पहुंचे। गणेश कालोनी में भी जलभराव की समस्या का समाधान नही होने से नाले का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। जिससे परेशानी बढ़ गई है।

Updated on:
31 Jul 2025 01:37 pm
Published on:
31 Jul 2025 01:37 pm